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तीन किसानों ने सदमे से तोड़ा दम

Fri, 17 Apr 2015 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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जिले के तीन थाना क्षेत्रों में गुरुवार को फसल की तबाही देखने के बाद एक किसान ने खेत के निकट खड़े पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि दो किसानों की हार्टअटैक से मौत हुई। सूचना पर पहुंचे संबंधित तहसील के अफसरों ने फांसी पर लटके किसान का शव उतरवाकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा।
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वहीं हार्टअटैक से हुई मौत के मामले में कहा कि दोनों किसानों की मौत बीमारी के चलते हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, बेनीगंज क्षेत्र के छोवे पुरवा मजरा ढपरापुर निवासी श्रीपाल का पुत्र अरविंद ( 35) गुरुवार को सुबह करीब 9 बजे घर से नाश्ता कर खेत पर गेहूं का कटान करने गए थे।

बताते हैं कि जैसे ही उसने गेहूं की कटाई शुरू की और बाली में दाने देखे तो उनके होश उड़ गए। बाली में कम और पतला दाना देख वह परेशान हो गए और खेत के पास स्थित पेड़ पर रस्सी से फांसी लगा ली। करीब साढ़े दस बजे उसकी पत्नी आशा खाना पानी लेकर खेत पर पहुंची तो पेड़ पर लटकते पति को देख चीख पुकार करने लगी।
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आवाज सुनकर आस पास के किसान मौके पर पहुंचे और फांसी से उतारा। घटना की सूचना पर कोतवाल एके मिश्रा, चौकी इंचार्ज अमित भदौरिया व एसडीएम सदर पप्पू गुप्ता मौके पर पहुंचे और पूछताछ के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा।

इस बाबत परिजनों ने बताया कि करीब 15 बीघा अरविंद का व 15 बीघा बटाई पर खेत था, जिसमें उसने गेहूं व सरसों की फसल तैयार की थी। इसके लिए उसने बैंक आफ इंडिया की शाखा से फसली ऋण 1 लाख रुपये लिए  थे। बारिश होने के कारण वह तीन दिनों से परेशान था। उसके तीन बेटे है।

इधर, हरपालपुर क्षेत्र के इसेपुर गांव निवासी पाताराम (60) बुधवार की शाम खेत देखकर घर आए और खाना खाकर चुपचाप लेट गया। रात में हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे सत्येंद्र ने बताया कि उसके पिता के पास 8 बीघा जमीन थी, जिसमें गेहूं की करीब 60 फीसदी फसल बर्बाद होने से वह परेशान थे।

इसी के चलते उनका हार्टफेल हुआ है। उन्होंने ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त की शाखा से 60 हजार रुपये फसली ऋण लिया था। इधर, लोनार क्षेत्र के क नकापुर लाल निवासी करन सिंह (60) शाम को करीब 7 बजे खेत से लौटे। अचानक उनकी हालत बिगड़ी। जब तक परिजन  चिकित्सक के यहां ले जाने की तैयारी करते, उनकी मौत हो गई।

करन की पत्नी कृष्णा देवी ने बताया कि 30 बीघा खेत था, जिस पर रुपये उधार लेकर फसल तैयार की थी। फसल बर्बाद होने पर उसकी सदमे के कारण हृदयगति रुकने से मौत हो गई। उधर, इस बाबत एसडीएम सवायजपुर अविनाश कुमार ने बताया कि करन सिंह और पाताराम बीमार चल रहे थे, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा था। बीमारी के चलते दोनों की मौत हुई है।
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