शाहाबाद। कोतवाली क्षेत्र के ककरघटा गांव में मंगलवार को तांत्रिक की दवा खाकर माता-पिता व पुत्र की मौत के बाद पूरे गांव में मातम छाया है। मंगलवार की शाम को परिवार के नरेश सिंह ने अपने भाई राजेश सिंह, भाभी गीता देवी व भतीजे रोहित का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया।
मालूम हो कि ककरघटा गांव निवासी राजेश सिंह ने सोमवार की रात को तांत्रिक से मिली दवा को पत्नी गीता सिंह और इकलौते पुत्र रोहित को पिला दिया था, दंपति मौके पर मौत हो गई थी। रोहित को नाजुक हालत में सीएचसी में भर्ती कराया गया था, बाद में उसने भी दम तोड़ दिया था। तीन लोगों की मौत के आरोपी तांत्रिक का पुलिस अभी तक सुराग नहीं लगा सकी है।
उधर, घटना के बाबत बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले तांत्रिक के अनुष्ठान व दवा देने से चेहरे पर सफेद दागों में राजेश को काफी लाभ हुआ था। इससे बाबा के प्रति विश्वास और पुख्ता हो गया। पुत्र रोहित लखनऊ में बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। शनिवार को छुट्टियां मनाने वह गांव आया था। पिता के जोर देने पर उसने भी दवा का सेवन कर लिया।
लड़कियों को दवाई का सेवन करने से इसलिए मना कर दिया गया कि वह लोग शादी के बाद दूसरे परिवार में चली जाएगी। इस वजह से शालू(20) व काजल(10) की जान बच गई। बहरहाल तांत्रिक के इस खेल के पीछे भी किसी बड़ी साजिश का भी कयास लगाया जा रहा हैं।