हरदोई। दूसरी किस्त के रुपये न मिलने से तीन संपर्क मार्गों का काम अधूरा है। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से गांवाें के संपर्क सड़क और मिसिंग सड़क को चिह्नित कर बनवाए जाने की प्रक्रिया में बजट का अभाव रोड़ा बन गया है। यह सड़क साल 2022 से 2025 के बीच स्वीकृत हुई थीं और पहली किस्त के ही रुपये अब तक मिल पाए हैं। काम पूरा न होने से करीब 50 हजार की आबादी को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग के माध्यम से गावों की संपर्क सड़क और मिसिंग सड़क को बनवाए जाने का काम कराया जा रहा है। विभाग की ओर से चिह्नित सड़क को बनवाए जाने के लिए शासन को कार्ययोजना भेजी जाती है। उसी पर स्वीकृति के आधार पर काम कराए जाते हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर तीन सड़क को बनवाए जाने के लिए 4.97 करोड़ रुपये की शासन ने स्वीकृति दी थी। इन सड़कों पर काम कराने के लिए करीब 1.45 करोड़ रुपये भी दिए थे। उसी से काम शुरू कराया गया। इन सड़क के काम मई में पूरे हो जाने चाहिए थे लेकिन अभी तक अधूरे हैं।
बताया कि नीभापुर-गजरी सड़क से मदारपुर-मोहिद्दीनपुर सड़क बनवाए जाने के लिए 1.27 करोड़ की स्वीकृति पर पहली किस्त में 79 लाख रुपये ही मिले हैं। नौसजिया से नयापुरवा सड़क बनवाए जाने के लिए 1.24 करोड़ की स्वीकृति में से अब तक 45 लाख रुपये ही मिले हैं। ऐसे ही भिठाई से चकनंदपुर के बीच मिसिंग सड़क बनवाने के लिए 2.46 करोड़ रुपये की शासन ने स्वीकृति दी थी। काम कराने के लिए 21 लाख रुपये ही मिले हैं। दूसरी किस्त मिलने से काम ठप है।
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अधूरे कामों की नियमित समीक्षा कर कारणों की तलाश की जा रही है। आमजन की सुविधा और सहूलियत से सीधे जुड़े सड़क के काम पूरे न हो पाना चिंता का विषय है। लोक निर्माण विभाग के तीन काम तय समयसीमा में पूरे नहीं हो पाए हैं। इस कारण दूसरी किस्त के रुपये न मिलना बताया गया है। अधिशासी अभियंता से कहा गया है कि दूसरी किस्त के रुपये आवंटन के लिए शासन स्तर पर पैरवी और काम की समयसीमा बढ़वाई जाए। -अनुनय झा, जिलाधिकारी