मंगलवार से अश्वमेध यज्ञ में आहुतियां डाले जाने का क्रम प्रारंभ हो गया। देव आवाहन और राष्ट्र कल्याण की कामना के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने अश्वमेध की आहुतियां डालीं। इससे पहले कार्यक्रम की शुरूआत शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि के रूप में आए वीके खरे ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच ध्वजोहण किया।
अश्वमेध यज्ञ के पहले दिन सप्तऋषियों के साथ ही सभी देवों का आवाहन किया गया। गायत्री तपोवन हरिद्वार की टोली के नायक श्यामवीर सिंह, गंगा सिंह, जगन्नाथ उपाध्याय, जगदीश पाटीदार आदि ने पूजन सम्पन्न कराया। यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ कतार दर कतार लगी रही। वेदियों का पूजन विभूति नागपाल, कोमल नागपाल, दिनेश सहगल, शकुन सहगल, राजेश सिंह, अजय दीक्षित, मृदुल कपूर, रजनीकांत त्रिपाठी, रामलखन सविता व विपुल मिश्रा आदि ने किया।
इससे पहले अमेरिका से पधारे वरिष्ठ इंजीनियर यतींद्र दत्ता ने गायत्री मंत्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके जाप को यदि एकाग्रता के साथ पूरा किया जाए तो इससे उत्सर्जित तरंगे विद्युत तरंगों की भांति ही कार्य करती हैं। गुरूदेव के अनुशासन जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वह अपने जीवनकाल में प्रतिदिन छ: घंटे तक इस मंत्र का जाप करते थे। उनका शेष समय जागरण और कल्याण पर व्यतीत होता था। कहा कि अश्वमेध यज्ञ हर तरह से इच्छित फल देने वाला है।
इसके क्षेत्र में ही आ जाने मात्र से मनुष्य को विशेष फल की प्राप्ति होती है। यज्ञ के दौरान शिष्ट मित्र मंडल के देशराज, रामलखन, मनु शर्मा, अनु, सौरभ सिंह, अमित राठौर, विवेक टंडन, हिमांशू, शशिकांत, रवि, देव, अतुल राठौर तथा महिला मंडल की नीलम शर्मा, स्मिता कपूर, शल्वी गुप्ता, नमिता सिंह, मनु, जूही, पूजा, सरिता देवी व सुदा देवी आदि ने व्यवस्थाएं देखीं।