- एक माह में ई-ऑफिस पर लॉगइन न करने वाले 40 अधिकारी-बाबुओ का वेतन रोका गया
- ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शासन स्तर से पेपरलेस वर्किंग, पारदर्शिता और समयबद्धता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-ऑफिस की व्यवस्था शुरू की गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी इस व्यवस्था पर काम करने से कतरा रहे हैं।
हाल ही में एक समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि पिछले एक माह के दौरान जिले के 40 अधिकारियों और कर्मचारियों ने ई-ऑफिस पर लॉगइन ही नहीं किया। इस लापरवाही पर ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन सभी का वेतन रोक दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिला विकास अधिकारी को पत्र भी भेजा है।
ई-ऑफिस व्यवस्था को अपनाने में उदासीनता
ई-ऑफिस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य तय समय-सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से कार्यों को संपन्न कराना था। लेकिन, जनपद में कई कर्मचारियों ने इस व्यवस्था पर काम करना शुरू ही नहीं किया है। 21 नवंबर 2025 से 20 दिसंबर 2025 की अवधि में ई-ऑफिस पर लॉगइन न करने वाले हरदोई जनपद के 40 कर्मचारियों का वेतन इसलिए रोक दिया गया है, ताकि वे ई-ऑफिस व्यवस्था पर काम करना शुरू करें। ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देशानुसार, जब तक ये कर्मचारी ई-ऑफिस पर कार्य करना प्रारंभ नहीं करते, तब तक उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई की जद में आए अधिकारी-कर्मचारी
इस कार्रवाई के दायरे में बेहंदर, बिलग्राम, अहिरोरी, कोथावां, पिहानी, सांडी, संडीला और सुरसा के खंड विकास अधिकारी भी आए हैं। इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के 13 कर्मचारियों का वेतन भी रोका गया है। परियोजना निदेशक कार्यालय के तीन और जिला विकास अधिकारी कार्यालय के दो कर्मचारियों पर भी यह कार्रवाई की गई है। कई विकास खंडों में तैनात वरिष्ठ सहायकों, सहायक विकास अधिकारियों, कनिष्ठ सहायकों और लेखाकारों का वेतन भी इसी कारण से रोका गया है। यह कदम ई-ऑफिस के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।