वन विभाग द्वारा जिले में पौधरोपण कराने को जरूरी
तैयारियां पूरी हैं। बस इंतजार है मानसून आने का। झमाझम बारिश होने के बाद
वन विभाग पौधरोपण की शुरुआत करेगा। इस साल करीब 2.49 लाख पौधे लगाए जाने
हैं। पिछले साल करीब 8 लाख पौधे रोपित किए गए थे, जिसमें करीब 90 प्रतिशत
पौधेे सही सलामत हैं।
विभाग के अनुसार, करीब 10 फीसदी पौधेे मौसम के
प्रभावों से सूख जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि गर्मी के मौसम में
अपेक्षित देखभाल न हो पाने से दस फीसदी से ज्यादा पौधे वृक्ष बनने से पहले
ही दम तोड़ जाते हैं। पिछले साल करीब 8 लाख पौधेे रोपित किए गए थे।
इनमें
नहर की पटरियों के किनारे हुए पौधरोपण में भी सैकड़ों पौधेे देखरेख के अभाव
में सूख गए। चालू वित्तीय वर्ष में करीब 2.49 लाख पौधे रोपित कराने का
लक्ष्य है। जिसकी शुरुआत होनी है। पौधरोपण कराने के लिए वन विभाग ने आवश्यक
तैयारियां पूरी कर ली गई है।
इस बाबत वन विभाग के डीएफओ आरके त्रिपाठी ने
बताया कि पौधों की देखरेख के लिए रेंजों के कर्मचारियों को कड़े निर्देश
दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत पौधों का चलना संभव नहीं है,
क्योंकि ज्यादा पौधरोपण ऊसर भूमि तथा सड़कों एवं नहर पटरियों के किनारे
होता है।
कहा कि ऐसे में 3 से 5 फीसदी तक पौधे कई कारणों से नहीं चल
पाते हैं। अगर कहीं बड़ी तादाद में पौधेे सूखेंगे तो कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि इस साल शासन से करीब 2.49 लाख पौधेे रोपित कराने का
लक्ष्य मिला है, जिसके लिए पौधों की व्यवस्था आदि तैयारियां हो गई हैं।
बारिश के बाद पौधरोपण शुरू किया जाएगा। उधर, पिछले कई वर्षों से नगरीय
क्षेत्रों में पौधरोपण बंद है। पूर्व में नगरीय क्षेत्रों को हरा भरा रखने
के लिए ट्री गार्ड एवं ब्रिक गार्ड लगाकर पौधों का रोपण किया जाता था, पर
पिछले कई वर्षों से हरदोई शहर से लेकर अन्य नगरीय क्षेत्रों में पौधरोपण
नहीं हो रहा है।
वन विभाग के अफसरों का कहना है कि शहरी पौधरोपण योजना में
बजट न मिलने से पौधरोपण बंद है। सूत्रों के अनुसार, इस साल शहर की कुछ
सड़कों एवं स्थानों पर पौधरोपण के लिए डीएम के निर्देश पर प्रस्ताव बनाया
जा रहा है।