रेलवे स्टेशन पर जिम्मेदारों की मनमानी ने यात्री
बेहाल हैं। टिकट बिक्री को एक काउंटर फिर से ठप हो गया। बीते दो माह पहले
अनारक्षित प्रणाली के एक कंप्यूटर सिस्टम की थिंक लाइन खराब हुई थी, अब वही
समस्या फिर पैदा हो गई, जिससे टिकट विंडों पर एक बार फिर एक ही लाइन में
हजारों यात्रियों की भीड़ नजर आ रही है।
कंप्यूटर सिस्टम खराब पड़ा है,
पर अभी तक कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया और आश्वासन पर काम हो रहा है।
मंगलवार की शाम तक कंप्यूटर सिस्टम चालू नहीं हो सका। रेलवे स्टेशन से
प्रतिदिन हजारों लोग सफर करने के बावजूद जिले में यात्रियों को टिकट खरीदने
को खासी मशक्कत करनी पड़ती है।
जिम्मेदारों की मनमानी के आगे यात्री बेबस
हैं। रेलवे स्टेशन पर टिकट बिक्री के दो विंडो होने के बावजूद यात्री एक ही
खिड़की के सामने लंबी लाइन लगती है, जिससे टिकट लेने में यात्रियों की
ट्रेन तक छूट जाती है। उधर, रेलवे स्टेशन का एक कंप्यूटर खराब हो गया।
ज्ञात हो कि दो माह पहले रेलवे स्टेशन के एक कंप्यूटर की थिंक लाइन खराब हो
गई थी, जिसको बनने में कई दिन लग गए थे और इस दौरान यात्री खासे परेशान
रहे। वही समस्या फिर सामने आ गई है। थिंक लाइन खराब होने से एक कंप्यूटर
ने फिर से काम करना बंद कर दिया।
ऐसे में स्थिति यह हो रही है कि एक लाइन
में सैकड़ों की संख्या में यात्री लगे हुए हैं, जिसमें महिलाओं और
बुजुर्गाें की भी लाइन लगी हुई है। यात्रियों की भीड़ के आगे जहां एक ओर
अफरातफरी का माहौल बना हुआ है, वहीं टिकट के चक्कर में यात्रियों को
लाठियां तक खानी पड़ रही है।
इसके बावजूद मैनुअल ढंग से टिकट बिक्री नहीं
करवाई गई। हालांकि, कंप्यूटर को बनाने के लिए मुरादाबाद मंडल को सूचना दी
गई है, पर वहां भी किसी अधिकारी द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया है और
मंगलवार की रात तक कंप्यूटर सिस्टम शुरू नहीं हुआ है।
उधर, मुरादाबाद मंडल
के अफसरों को जब रेलवे स्टेशन पर थिंक लाइन खराब होने से कंप्यूटर सिस्टम
बंद होने की समस्या बताई गई, तो अफसरों ने पल्ला झाड़ते हुए जिले के अफसरों
को ही फटकार लगा डाली। उधर, सीएमआई पीके त्रिपाठी ने बताया कि थिंक
लाइन खराब होने की सूचना मंडल के अफसरों को दी गई है और अफसरों ने मंगलवार
तक बनवाने की बात कही थी, पर अभी कार्य हुआ नहीं है, ऐसे में दोबारा संपर्क
किया जा रहा है।