नोट : अदालत से का लोगो लगाएं।
-अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश ने एक लाख का लगाया जुर्माना, सह अभियुक्त बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। तीन वर्ष पहले एसटीएफ और कछौना पुलिस की संयुक्त घेराबंदी में एक किलो हेरोइन (स्मैक) के साथ पकड़े गए अंतरजनपदीय तस्कर को विशेष एनडीपीएस अदालत ने सजा सुनाई। अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) कोर्ट संख्या छह शैलेंद्र यादव ने पीलीभीत निवासी कुंवर सेन को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सह अभियुक्त बदायूं जनपद के दातागंज थाना क्षेत्र नालापार गांव निवासी आसिफ उर्फ जमीमुल को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
20 जुलाई 2022 एसटीएफ निरीक्षक दिलीप तिवारी को सूचना मिली थी कि पूर्वोत्तर राज्यों से लाई जा रही हेरोइन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में खपाई जा रही है। एसटीएफ और कछौना पुलिस की संयुक्त टीम ने कटियामऊ मोड़ पर घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की थी। इस दौरान हरदोई की ओर से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर चालक भागने लगा, टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया था।
क्षेत्राधिकारी बघौली की मौजूदगी में कार की तलाशी में चालक सीट के नीचे छिपाकर रखे गए 500-500 ग्राम के दो पैकेटों में एक किलो हेरोइन बरामद हुई थी। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कुंवर सेन, निवासी ग्राम गांगूपुर, थाना बीसलपुर (पीलीभीत) बताया था। उसने बताया कि वह हेरोइन बरेली से खरीदकर लखनऊ में सप्लाई करने जा रहा था। एसटीएफ निरीक्षक दिलीप तिवारी की तहरीर पर थाना कछौना में एनडीपीएस एक्ट में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी की आर्थिक स्थिति और पारिवारिक दायित्वों का हवाला देकर दया की अपील की लेकिन विशेष लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि बरामद हेरोइन वाणिज्यिक मात्रा (कॉमर्शियल क्वांटिटी) की है और ऐसे अपराध समाज की युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर खतरा हैं।