हरदोई। होली बीतने के बाद मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव देखने को मिला है। विशेष रूप से एक्सरे कराने वाले मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। होली के दौरान हुए सड़क हादसों, मारपीट और हुड़दंग में चोटिल हुए लोगों के कारण हड्डी से जुड़े मामलों में अचानक उछाल आया है। बढ़ी भीड़ के कारण एक्सरे कराने के लिए मरीजों को घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
होली के हुड़दंग और हादसों के बाद हड्डी रोगियों की संख्या काफी बढ़ गई है। होली के दूसरे दिन से ओपीडी खुल गई थी और उसी दिन से एक्सरे के मरीजों में इजाफा देखा जा रहा है। सामान्य दिनों की तुलना में एक्सरे कराने वाले मरीजों की संख्या में 40 से 50 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। पिछले तीन दिनों से रोजाना औसतन 170 से 185 मरीजों के एक्सरे हाे रहे हैं। हालांकि एक्सरे की सुविधा तो 24 घंटे है लेकिन सुबह नौ बजे ओपीडी खुलने के बाद मरीजों की भीड़ में बढ़ोतरी हो जाती है। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर आए मरीजों को कतार में लगे देखकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की चुनौती साफ नजर आ रही है। अस्पताल पहुंचे मरीज देवीदयाल ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से लाइन में लगे हैं लेकिन दोपहर 12 बजे तक उनका नंबर नहीं आ सका।
एक मरीज के कई एंगल से होते हैं एक्सरे
वैसे भी बड़े दिन बाद डिजिटल मशीन से एक्सरे हो रहे हैं। इस वजह से काम थोड़ा जल्दी हो भी पा रहा है वरना अभी तक पोर्टेबल मशीन से एक्सरे होने पर समय और बढ़ सकता था। टेक्नीशियनों के अनुसार एक मरीज का कम से कम दो एंगल से एक्सरे लिया जाता है। इस वजह से हर रोज 350 से 385 तक एक्सरे हो रहे हैं। इस कारण एक मशीन पर लोड भी अधिक पड़ रहा है।
होली के बाद फ्रैक्चर के केस बढ़े हैं। एक्सरे विभाग में स्टाफ पूरी क्षमता से काम कर रहा है ताकि किसी भी मरीज को बिना जांच के वापस न जाना पड़े। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ही टोकन व्यवस्था को लागू किया गया है। -डॉ. चंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक