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Hardoi News: न्यू पीएचसी है पर दो साल से डॉक्टर नहीं, लैब टेक्नीशियन है मगर सीबीसी मशीन नहीं

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फोटो-17- न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में  बंद पड़ा प्रसव कक्ष  । संवाद - फोटो : सांकेतिक
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मल्लावां। नसीरपुर चौराहा पर स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीमार है। यहां दो साल से चिकित्सक की तैनाती नहीं है। लैब टेक्नीशियन की तैनाती है, लेकिन सीबीसी मशीन नहीं है। प्रसव कक्ष तो बना है लेकिन पिछले तीन साल में यहां एक भी प्रसव नहीं हुए हैं। और तो और सरकारी अस्पताल की सौ मीटर परिधि में तीन प्राइवेट अस्पताल हैं। सरकारी अस्पताल में सन्नाटा है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की कतार। पेश है एक रिपोर्ट
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घड़ी की सुई सुबह का लगभग 11:30 बजा रही है। शनिवार का दिन है, तो 12 बजे तक ही न्यू पीएचसी खुलती है। साढ़े 11 बजे यहां स्टाफ नर्स रंजना देवी और स्वीपर अब्दुल समद ही मौजूद मिले। तैनाती तो यहां फार्मासिस्ट की भी है, लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं थे। पूछने पर नर्स ने इतना जरूर बताया कि फार्मासिस्ट सुबह आए थे लेकिन किसी काम से चले गए। कुछ देर बाद बखोरा निवासी मुन्नीलाल दर्द की दवा लेने अस्पताल पहुंचे तो स्टाफ नर्स ने हाल पूछकर उन्हें दवा दे दी। अस्पताल में फार्मासिस्ट के साथही एलटी, स्टाफ नर्स, एलए, वार्ड ब्वाय और स्वीपर की भी तैनाती है। अस्पताल में प्रयोगशाला कक्ष भी है और लैब टेक्नीशियन की तैनाती भी। सीबीसी मशीन नहीं है। इसलिए यहां मरीजों की जांच नहीं हो पाती। इसके उलट दावा यह है कि किट से होने वाली जांचें कर ली जाती हैं।


दो साल से डाक्टर नहीं, आस पास तीन प्राइवेट अस्पताल
न्यू पीएचसी में आठ जून 2024 तक डाक्टर अर्चना सरोज की तैनाती रही। उनका तबादला हो जाने के बाद य हां किसी की नियुक्ति नहीं हुई। अगर हुई भी हो तो यहां के जिम्मेदारों केा इसकी जानकारी नहीं। फिलवक्त कोई चिकित्सक यहां तैनात नहीं है। इतना जरूर है कि इसी सरकारी अस्पताल अस्पताल के सौ मीटर की परिधि में तीन प्राइेवट अस्पताल संचालित हैं। न्यू पीएचसी में जरूर सन्नाटा दिखा, लेकिन तीनों प्राइवेट अस्पतालों में ठीक ठाक संख्या में मरीज नजर आए। यह बात और है कि न्यू पीएचसी के रिकॉर्ड में बृहस्पतिवार को 13, शुक्रवार को 15 और शनिवार को आठ मरीज देखे गए। उल्लेखनीय यह भी है कि नसीरपुर के आस पास स्थित भगतूपुर, भवनखेड़ा, तेरिया भवानीपुर, बरौना, जगतखेड़ा, समेत लगभग 25 गांवों की 35 हजार की आबादी इसी न्यू पीएचसी पर प्राथमिक उपचार के लिए आश्रित है।
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व्यवस्थाएं होने का दावा, लेकिन तीन साल में प्रसव एक भी नहीं
न्यू पीएचसी में प्रसव संबंधी सारी सुविधाएं और व्यवस्थाएं होने का दावा सीएचसी अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने किया। संवाद न्यूज एजेंसी ने जब इन दावों की हकीकत पता की तो मामला चौकाने वाला था। पिछले तीन साल से इस न्यू पीएचसी में एक भी प्रसव न होने की जानकारी अनौपचारिक बातचीत में मौके पर मिले कर्मचारियों ने कही। मुमकिन है कि अभिलेखों में ही प्रसव भी हो गए हों।



चिकित्सक की तैनाती के लिए पत्राचार किया है। लैब टेक्नीशियन अवकाश पर हैं। सीएचसी पर काम ज्यादा था, इसलिए लैब असिस्टेंट विमला देवी और वार्ड ब्वाय ब्रजेश कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुलाकर सहयोग लिया जा रहा था। -डॉ. संजय सिंह, अधीक्षक, सीएचसी मल्लावां

फोटो-17- न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में  बंद पड़ा प्रसव कक्ष  । संवाद- फोटो : सांकेतिक

फोटो-17- न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में  बंद पड़ा प्रसव कक्ष  । संवाद- फोटो : सांकेतिक

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