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मंडी में शौचालयों की दरकार, हैंडपंप और पानी की टंकी खराब

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फोटो-05- नवीन गल्ला मंडी परिसर में खराब पड़ा इंडिया मार्का हैंडपंप। संवाद - फोटो : HARDOI
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करोड़ों की कमाई वाली नवीन गल्ला मंडी के व्यापारियों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। मंडी में मात्र दो शौचालय हैं। पेयजल के लिए लगाए गए हैंडपंप में से अधिकांश खराब हैं। पानी की टंकी भी खराब है। परिसर की नियमित सफाई भी नहीं हो रही है।
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ए ग्रेड की मंडियों में शुमार शहर की नवीन गल्ला मंडी में सात सौ से अधिक लाइसेंस धारक कारोबारी हैं। कारोबार के जरिये मंडी की कमाई भी करोड़ों में है। कमाई से इतर मंडी में सुविधाओं का जबरदस्त अभाव है। व्यापारियों के मुताबिक दो फेज में बंटी मंडी के प्रत्येक फेज में चार-चार शौचालय की दरकार है।
काफी प्रयास के बाद भी मंडी में पर्याप्त शौचालयों का निर्माण नहीं कराया जा सका। फेज 1 में दो शौचालय हैं। दोनों क्रियाशील हैं, लेकिन सफाई न होने से लोग वहां जाना पसंद नहीं करते। बताया कि परिसर में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए 25-30 हैंडपंप हैं। इनमें से मात्र पांच-सात हैंडपंप चालू हैं, जबकि अन्य खराब पड़े हैं।
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परिसर की जल निकासी की व्यवस्था भी खराब है। नियमित सफाई न होने से गंदगी बनी रहती है। एक जगह पानी भरा है, जहां से सड़ांध उठ रही है।
मंडी सचिव बबलू कुमार ने बताया कि मंडी की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। अगर कुछ हैंडपंप खराब हैं, तो उन्हें जल्द से जल्द सही कराया जाएगा। मंडी परिसर में तीन शौचालय हैं। दो शौचालयों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
मंडी में पांच यूरिनल सेंटर, एक सेंटर कैंटीन, आठ कैंटीन, चार वाटर कूलर, चार स्टैंड पोस्ट व चार हैंडपंप लगाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को एक प्रक्रिया के तहत स्वीकृति मिलती है। इसलिए इसमें कुछ वक्त लग रहा है, कोशिश कर जल्द से जल्द प्रस्तावों को स्वीकृति दिलाई जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद सभी विकास कार्य कराए जाएंगे।
व्यापारी मनोज गुप्ता ने बताया कि परिसर की व्यवस्था बेपटरी है। लघुशंका से प्यास बुझाने तक के लिए मंडी में आए काश्तकारों व पल्लेदारों और व्यापारियों को एक छोर से दूसरे छोर तक जाना पड़ता है। कई बार मांग उठाई गई, लेकिन खराब हैंडपंप अब तक सही नहीं हुए। गर्मी शुरू होने वाली है, अगर हैंडपंप सही नहीं हुए तो सभी को परेशानी होगी।
व्यापारी विवेक कुमार गुप्ता ने बताया कि कुछ माह पूर्व ही मंडी परिसर में सड़कों का निर्माण कराया गया था। गुणवत्ता अच्छी न होने के कारण कुछ सड़कें कहीं-कहीं से उखड़ने लगी हैं। गेहूं का सीजन आने वाला है, जल्द ही मरम्मत न हुई तो मंडी आने वाले काश्तकारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
व्यापारी रामचंद्र गुप्ता ने बताया कि परिसर में नियमित सफाई भी नहीं होती है। सफाईकर्मी कब आते हैं और कब चले जाते हैं, इसका पता भी नहीं चल पाता है। सफाई व्यवस्था बेपटरी होने के चलते परिसर में गंदगी रहती है। एक जगह पानी भरा है, पानी में कचरा व राशन सड़ने के बाद वहां से सड़ांध उठ रही है। इसमें सुधार होना चाहिए।
व्यापार मंडल के महामंत्री हरिश्याम गुप्ता ने बताया कि परिसर में शौचालय, पेयजल व सफाई व्यवस्था को लेकर हो रही परेशानी का मामला कई बार मंडी प्रशासन के सामने उठाया गया। हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। व्यापार मंडल व्यवस्थाओं के सुधार में मंडी प्रशासन की हर संभव मदद करेगा। प्रशासन को चाहिए कि वे व्यापारियों को विश्वास में लेकर काम करे।
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