सीएचसी में सुविधाएं न मिलने से मरीजों का हाल बेहाल
है। यहां मरीजों को पेयजल से लेकर मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा
है। गर्मी से परेशान होने पर वह पेड़ की छांव में जमीन पर लेटकर ग्लूकोज
चढ़वा रहे हैं।
इतना ही नहीं मरीजों का यहां तक आरोप है कि इंजेक्शन से
लेकर ग्लूकोज की बोतल और दवाएं भी बाहर से ही खरीदनी पड़ती हैं, जिससे
स्वास्थ्य केंद्र के बाहर स्थित मेडिकल स्टोरों की बल्ले-बल्ले रहती है।
ज्ञात हो कि इन दिनों भीषण गर्मी के चलते स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की
काफी भीड़ रहती है।
बिजली चले जाने के बाद यहां इमरजेंसी में भर्ती मरीज और
नवजात शिशु परेशान हो जाते हैं, वहीं प्रसूताआें को भी दिक्कतों का सामना
करना पड़ता है। महुआ कोली मजरा सुल्तानपुर निवासी प्रसूता मीना देवी व
गौरिया मजरा बरहुली निवासी रूबी का कहना है कि सीएचसी में अव्यवस्थाआें के
कारण समय काटना मुश्किल हो जाता है।
चिलचिलाती व उमस भरी गर्मी में मरीजों
का हाल और भी खराब हो जाता है। इमरजेंसी में भर्ती मरीज गर्मी से बेहाल
हो अस्पताल के बाहर पेड़ के नीचे राहत की सांस लेते हैं और पेड़ के नीचे ही
उनको ग्लूूकोज चढ़ाया जाता है। आरोप है कि एक्सरे कक्ष हर समय बंद रहता
है, जिससे मरीजों को एक्सरे बाहर से कराना पड़ता है, जहां निर्धारित रेट से
ज्यादा रुपये वसूले जाते है।
मरीजों का कहना है कि यहां तीन डॉक्टर तैनात
हैं, जिनमें दो नदारद ही रहते हैं, जिससे एक डाक्टर सीएचसी चला रहा है।
आरोप लगाया कि यहां प्रसूताओं को खानाञ्-नाश्ता भी नहीं मिलता। यहां पानी
की टंकी शोपीस बनी है, जिससे मरीजों के सामने पेयजल की दिक्कत रहती है।
स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं है, जनरेटर लगा है, पर चलता नहीं, जिससे मरीज व
उनके तीमारदारोें को हाथ के पंखे का सहारा लेना पड़ता है।