फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधाता के विपरीत होने पर कल्याण नहीं हो सकता: राजेश

विज्ञापन
कथा सुनाते कथा व्यास राजेश शास्त्री। संवाद - फोटो : HARDOI
विज्ञापन
टड़ियावां। क्षेत्र के दुर्गा माता मंदिर पर चल रही सात दिवसीय भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास राजेश शास्त्री ने सती मोह का प्रसंग सुनाया। कहा कि विधाता के विपरीत होने पर देव, दनुज व मनुज किसी का कल्याण नहीं होता।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि भोले बाबा और सती जी, महाराज कुंभज ऋषि के आश्रम में सत्संग करने गए। सती जी का सत्संग में मन नहीं लगा। भोलेनाथ के समझाने पर भी सती जी का संशय दूर नहीं हुआ।
अंतत: भगवान शिव ने स्वीकार किया कि यदि मेरे समझाने पर भी सती का भ्रम दूर नहीं हो रहा है तो इसका अर्थ यह है कि विधाता ही विपरीत है।
अंतत: शिव जी के मना करने पर भी बिना बुलाए सती अपने पिता के घर यज्ञ में शामिल होने जाती हैं। पति के अपमान से क्षुब्ध सती को यज्ञ कुंड में शरीर का त्याग करना पड़ता है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें