हरदोई। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन अब कागजों में ही सिमट कर रह गया है। शहर से लेकर गांव तक जन आरोग्य मेलों में चिकित्सक तो पहुंच ही नहीं रहे हैं। केंद्र का अन्य स्टाफ मरीजों को दवा बांट रहा है।
नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर लगे जन आरोग्य मेले में मरीज नजर ही नहीं आए और ओपीडी रजिस्टर में मरीजों की लंबी सूची दर्ज रही। इसी प्रकार सवायजपुर तहसील के हरपालपुर ब्लॉक अलीगंज ननखेरिया में स्वास्थ्य केंद्र पर वार्ड ब्वाय ने सिर्फ डेढ़ घंटे तक केंद्र खोला और किसी आकस्मिक सूचना पर घर चले गए। जिले में बदहाल होती स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते मरीजों का जन आरोग्य मेलों से मोह भंग हो चुका है।
सीन-1-
शहर के चंदीपुरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी मेले का आयोजन किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दिन में 11:39 बजे एक भी मरीज नहीं मिला। यह बात और है कि रजिस्टर में 16 मरीजों के नाम दर्ज मिले। हालांकि, यहां तैनात स्टाफ नर्स ने 16 मरीजों के आने की बात कही। पीएचसी में डॉक्टर के मौजूद न होने के बारे में पूछने पर पता चला कि यहां पिछले एक माह से चिकित्सक की तैनाती नहीं है और दूसरे चिकित्सक आते नहीं हैं। फार्मासिस्ट राज्यपाल के कार्यक्रम के चलते बुलाए गए हैं और लैब टेक्नीशियन भी तैनात नहीं हैं। केंद्र पर वार्ड आया और महिला कर्मचारी मौजूद मिलीं। शुगर और बीपी की जांच किट मौजूद मिली और टीकाकरण भी किया गया।
सीन-2-
सवायजपुर तहसील के हरपालपुर ब्लॉक के अलीगंत ननखेरिया गांव में संचालित जन आरोग्य मेले का हाल दोपहर को 12:25 बजे देखा गया। केंद्र बंद मिला और कोई स्टाफ नजर नहीं आया। जानकारी किए जाने पर पता चला कि केंद्र पर बीते छह माह से चिकित्सक की तैनाती नहीं है। केंद्र का संचालन वार्ड ब्वाय और लैब सहायक के भरोसे हो रहा है। जन आरोग्य मेला सुबह 10 बजे से शाम को चार बजे तक आयोजित होता है। वार्ड ब्वाय ने बताया कि केंद्र सुबह 10 बजे के बाद खोला और साढ़े 11 बजे तक मौजूद रहे। इसके बाद वह चले गए। वार्ड ब्वाय से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि बच्चे को चोट लग गई थी इसलिए घर चले गए थे। लैब सहायक मौजूद नहीं थे।
हरपालपुर सीएचसी अधीक्षक आनंद पांडेय ने बताया कि अलीगंज ननखेरिया पर आरोग्य मेला लगा हुआ था, वार्ड ब्वाय ने फोटो भी भेजी थी। इसके बाद अगर वह समय से पहले चले गए हैं तो जानकारी की जाएगी। पूरे ब्लाॅक में जन आरोग्य मेलों का संचालन कराया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक अगर नहीं हैं तो वहां तैनाती कराई जाएगी। सोमवार को राज्यपाल का कार्यक्रम है इस कारण से कई चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद व्यवस्था सुदृढ़ कराई जाएगी। -डॉ. धीरेंद्र सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी