हरदोई। पुरुषोत्तम मास 15 जून को पूरा हो गया। इससे मांगलिक कार्यक्रमों के लिए शुभ मुहूर्त शुरू हो गए हैं। 19 जून को पहला शुभ मुहूर्त है और 12 जुलाई तक कुल 17 मुहूर्त हैं। करीब एक माह तक ही मांगलिक कार्यक्रमों के लिए मिला है। इस अवधि में जून माह में 12 और जुलाई में पांच ही मुहूर्त हैं।
अधिमास में शुभ और मांगलिक कार्यक्रम वर्जित नहीं माने जाते हैं जबकि पूजन-अर्चन के लिए पुरुषोत्तम मास को अच्छा माना जाता है। 19 जून से शुभ मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। आचार्यों के मुताबिक 15 जून को पुरुषोत्तम मास पूरा होने के बाद 19 जून से शुभ मुहूर्त और विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रम हो सकेंगे। जून माह में 19 के साथ ही 30 जून तक लगातार विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं। वहीं जुलाई माह में एक, छह से आठ और 12 तारीख तक ही विवाह मुहूर्त हैं। वहीं 15 जुलाई को गुरु ग्रह अस्त हो रहे हैं और 10 अगस्त को उदय होंगे। 14 जुलाई से सूर्य भगवान कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। भगवान विष्णु भी शयन में चले जाएंगे और हरिशयनी एकादशी 25 जुलाई को है। 13 जुलाई से 24 अगस्त तक भी शुभ मुहूर्त नहीं हैं। वहीं देवोत्थानी एकादशी से 25 जुलाई से 20 नवंबर तक विवाह आदि के लिए शुभ मुहूर्त रहेंगे।
पुरुषोत्तम मास पूरा हो गया है वहीं 19 जून से मांगलिक कार्यक्रमों के लिए शुभ मुहूर्त भी मिलने शुरू हो गए हैं। मांगलिक कार्यक्रमों में खासकर शादी-विवाह के लिए जून से जुलाई माह की 12 तारीख तक मुहूर्त हैं। वहीं 15 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति अस्त हो रहे हैं। देवगुरु बृहस्पति के अस्त होने के साथ ही भगवान सूर्य भी कर्क, सिंह और कन्या, तुला राशि में होने और भगवान विष्णु के शयन में जाने से भी मांगलिक कार्यक्रमों पर विराम लग जाता है। -आचार्य सनत्कुमार मिश्रा, आदित्य वाहिनी के प्रांतीय संयोजक
पुरुषोत्तम मास के पूरा होने के साथ ही मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल, राशि में होने के कारण 15 जुलाई से मांगलिक कार्यक्रमों पर फिर से विराम लग जाएगा। इससे जून और जुलाई माह में 12 तारीख तक ही मांगलिक कार्यक्रमों के लिए शुभ मुहूर्त हैं। करीब एक माह की अवधि में शुभ मुहूर्त होने से शादी-विवाह कराए जा सकेंगे। -उमाकांत अवस्थी शास्त्री