हरदोई। गांवों में घरों तक पाइपलाइन से जलापूर्ति की योजना जिले में पिछड़ गई है। न तो समय से काम पूरा हो पाया न हीं लोगों को पाइपलाइन से जलापूर्ति मिल पाई। गांवों में कराए जाने वाले काम की गति भी सुस्त है।
जल जीवन मिशन ग्रामीण की ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन परियोजना समयसीमा से पिछड़ गई है। करीब 200 गांवों में मार्च तक काम पूरा किया जाना था लेकिन अब अधूरा है। कई गांवों में ओवरहेड टैंक ही बनवाए जा रहे हैं। परियोजनाओं का काम समय से पूरा न होने के कारण ग्रामीणों को जलापूर्ति का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं इसका असर सीएम डैशबोर्ड पर जिले की प्रगति पर भी दिखाई दे रहा है। जल निगम ग्रामीण की ओर से निविदा जारी करते समय करीब 200 परियोजनाओं को पूरा किए जाने के लिए मार्च 2026 की समयसीमा तय की गई थी।
मार्च के बाद पांच माह और बीतने के बाद भी काम तेजी नहीं पकड़ पाया। काम अधूरा होने से लागत भी बढ़ने की आशंका है। जिन गांवों में परियोजनाओं को मार्च तक पूरा किए जाने का लक्ष्य था वहां अभी भी ओवरहेड टैंक बनवाए जा रहे हैं। ओवरहेड टैंक बनवाए जाने पर पाइपलाइन की टेस्टिंग आदि भी होना है।
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दो लाख से अधिक आबादी को मिलना है लाभ
जल जीवन मिशन ग्रामीण में बर्रा, मांडर, बेहंदर खुर्द, भीठी, रसूलपुर आंट, हिया, जाहिदपुर, चांदाबैजा, दुलारपुर, हुसैनपुर, कासिमपुर, रिठवे, संतोषा, समोधा, सिंधवल मलिहाबाद समेत करीब 200 गांवों की दो लाख आबादी तक पाइपलाइन के जरिये जलापूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। परियोजनाएं समय से पूरी न होने से ग्रामीणों को नल से जल मिलने की उम्मीद थी लेकिन उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ रहा है।
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रुपये के अभाव ने रोकी राह
जल जीवन मिशन ग्रामीण योजना साल 2019 में शुरू हुई थी और साल 2024 तक रुपये भी मिलते रहे। बाद में करीब दो साल तक रुपये न मिलने से फर्म भी काम कराने के प्रति सुस्त हो गई। इससे काम प्रभावित हुआ। अब मासिक लक्ष्य बनाकर काम कराने का प्रयास है। -मनीष गंगवार, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण