हरदोई। स्थानीय रेलवे स्टेशन का माल गोदाम हर साल करोड़ाें रुपये का राजस्व देने के बाद भी बदहाल है। खदरा स्थित माल गोदाम में न तो मजदूरों के लिए बैठने का स्थान है और न ही पेयजल की व्यवस्था। बारिश में सिर छिपाने तक की जगह नहीं है। जलभराव और कीचड़ से लोगों का निकलना दूभर है। डीआरएम ने करीब डेढ़ माह पहले निरीक्षण कर सुधार के निर्देश भी दिए थे लेकिन स्थिति जस की तस है।
रेलवे को स्थानीय स्टेशन पर माल की ढुलाई और उतराई से वर्ष 2024 में करीब 30 करोड़ रुपये की आय हुई थी। माल गोदाम से रेलवे को हर साल इसी आंकड़े के आसपास की कमाई होती है। करोड़ों रुपये देने के बावजूद स्थानीय स्टेशन के माल गोदाम की स्थिति काफी बदतर है। जिम्मेदारों की अनदेखी और लापरवाही के चलते खदरा स्थित माल गोदाम में बुनियादी संसाधनों का अभाव है। व्यापारियों के साथ मजदूर के लिए बारिश में बचाव के लिए टिनशेड तक उपलब्ध नहीं है। मालगाड़ी से उतरने वाले सामान को तिरपाल और प्लास्टिक की पन्नी से ढककर रखा जाता है।
इसके अलावा पेयजल समेत शौचालयों तक की सुविधा नहीं है। इस पर व्यापारियों ने शिकायत भी दर्ज कराई थी। डेढ़ माह पहले डीआरएम ने निरीक्षण कर जीर्णोद्धार कराने के निर्देश दिए थे लेकिन अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। मंडल सहायक अभियंता पवन मिश्रा ने बताया कि माल गोदाम पर कराने वाले कार्याें के लिए प्रस्ताव गया है। स्वीकृति मिलते ही काम कराया जाएगा।
जलभराव से स्थानीय लोग भी परेशान
हरदाेई। खदरा स्थित माल गोदाम की दशा बहुत खराब है। माल गोदाम आने-जाने वाले मार्ग पर पानी भरा रहता है। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ आने-जाने वाले वाहनों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बड़े-बड़े गड्ढे आवागमन में अवरोध उत्पन्न करते हैं और लेागों का पैदल चलना तक दूभर है। खादरा स्थित माल गोदाम से होकर लखनऊ रोड को जोड़ने वाला मार्ग बदहाल है। माल गोदाम के लिए रेल अधिकारियों की ओर से स्लिपर्स डालकर बनाया गया प्लेटफार्म भी लोगों को दुश्वारियां दे रहा है।