बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से जिले का किसान काफी हद
तक बर्बाद हो चुका है। फसलों का सर्वे कर रहे राजस्व कर्मी भी सही आकलन
करने से गुरेज कर रहे, जिससे किसान अब मौत का रास्ता चुनने लगे हैं। और तो
और प्रशासन भी मौत के असली कारणों से आंख मोड़कर अपनी अलग राय रखने लगा है।
उपरोक्त बात शुक्रवार को भारतीय कृषक दल के पदाधिकारियों और किसानों
ने कलक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह को ज्ञापन सौंपते हुई
कही। राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज कुमार दीक्षित ने कहा कि अन्य किसान भी इसी
तरह से आत्महत्या न कर लें तो शत प्रतिशत किसानों को मुआवजा अविलंब वितरित
कराने एवं आत्महत्या से मृत किसानों के परिवारों को पांच लाख तक का मुआवजा
अविलंब देकर किसानों के परिवारों का जीवन बचाने का कार्य करें।
प्रशासन
को दिए गए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि यदि 16 अप्रैल तक मुआवजा नहीं दिया
या देने में अनियमितता की तो 17 अप्रैल से भाकृद अनिश्चितकालीन धरना
प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। इस मौके पर दिनेश मिश्र, अंकित गुप्ता,
श्यामाकांत दीक्षित, राजेश्वरी देवी, सोनालिका, राजपाल, राजेश, कृष्ण कुमार और रघुनंदन सिंह आदि मौजूद
थे।