बीस बीघा जमीन को लेकर वृद्धा के भतीजे और दामाद के
बीच विवाद हुआ। दोनों पक्षों में हुई फायरिंग से गांव में हड़कंप मच गया।
सूचना पर दो घंटे बाद पहुंची पुलिस के पहुंचने से पहले हमलावर फरार हो गए।
कोतवाल ने कहा कि फायरिंग में किसी के गोली नहीं लगी है।
ठकुरीखेड़ा
निवासी फूलमती (70) की दो बेटियां है। उसने गांव में 20 बीघा जमीन पर सरसों
की फसल तैयार कराई थी। इस जमीन पर उसके दामाद रमेश चंद पांडेय निवासी
दारूकुंइया और भतीजा उदय नारायण द्विवेदी अपने अपने दावे जता रहे हैं।
बताया जाता है कि जमीन पर सरसों की फसल तैयार है।
इस फसल को काटने को
शनिवार सुबह करीब 10 बजे रमेश चंद्र पांडेय अपने साथ कुछ लोगों क ो लेकर
पहुंचे। जानकारी पर उदय नारायण ने पहुंचकर विरोध जताया। इसी बात को लेकर
दोनों पक्षों में विवाद हो गया और देखते ही देखते फायरिंग शुरू हो गई। इससे
गांव में हड़कंप मच गया।
सूचना पर कोतवाल श्याम बहादुर सिंह गांव
पहुंचे, पर इससे पहले दोनों पक्षों के लोग फरार हो गये। कोतवाल ने बताया कि
फूलमती की बीस बीघा जमीन पर उदय नारायण और रमेश चंद्र के बीच विवाद हुआ
है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
बताया कि फूलमती नहीं मिल पाई
हैं, जिससे सही स्थिति की जानकारी नहीं हो सकी। इधर, रमेश चंद्र पांडेय ने
आरोप लगाया कि उनकी सास फूलमती को उदय नारायण ने गायब कर दिया, जबकि उदय ने
इस आरोप को गलत बताते हुए कहा कि वह स्वेच्छा से उनके साथ रह रही हैं।