शहर में आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने को पुलिस
महकमे की ओर से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों सिर्फ शो पीस बन कर रह गए हैं। एक
कैमरा जहां खराब हो चुका है, वहीं अन्य कैमरे नेटवर्किंग न मिलने से बंद
पड़े हैं। इससे विभाग की ओर से शहर को सुरक्षित रखने के लिए की गई कवायद
सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गई है।
इसका लाभ आम जनता व पुलिस महकमे
किसी का भी नहीं मिल पा रहा है। ज्ञात हो कि जिले में पुलिस महकमे को
आधुनिक तकनीकी से जोड़ा जा रहा है। सीसीटीएनएस के तहत जहां थानों को आनलाइन
करने का कार्य कर चल रहा है, वहीं आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश
लगाने के लिए मार्च में दो चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए थे।
इनको
अत्याधुनिक स्मार्ट कंट्रोल रूम से सेटेलाइट द्वारा जोड़ दिया गया था। जहां
पर एक बड़ी एलसीडी स्क्रीन लगाई गई थी, जिससे चौराहे पर होने वाली
गतिविधियों की जानकारी कंट्रोल रूम मे ंरहेगी। प्रथम चरण में शहर के नुमाइश
चौराहा और सिनेमा चौराहा पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
इसके लिए पास
की इमारत पर ही टावर बनाए गए थे। जिनके माध्यम से कैमरे में कैद जानकारी
कंट्रोल रूप तक सेटेलाइट के माध्यम से पहुंचेगी। इससे ट्रैफिक कंट्रोल के
साथ ही आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखी जानी थी, पर इन चौराहे पर लगे कैमरे
अब सिर्फ शो पीस बन कर रह गए हैं।
नुमाइश चौराहे का जहां बड़ा कैमरा खराब
हो गया है, वहीं अन्य में सिग्नल की समस्या है। इससे उनका उपयोग विभाग नहीं
कर पा रहा है। उधर, इस बाबत एएसपी पूर्वी बीसी दुबे ने बताया कि कैमरों को
व्यवस्थित करने को संबंधित संस्था से कहा गया है। दो दिन के अंदर कैमरे
संचालित हो जाएंगे। इसके अलावा महिला थाने में भी कैमरे लग गए हैं, वह भी
शुरू हो जाएंगे।