फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: अचानक बढ़ी गर्मी से बढ़ा डायरिया का खतरा, चपेट में आ रहे बच्चे

विज्ञापन
फोटो-01- मेडिकल कॉलेज में ​स्थित पीकू वार्ड। संवाद
विज्ञापन
हरदोई। होली पर पकवानों का स्वाद और अचानक बढ़े तापमान ने पेट से जुड़ी बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ा दिया है। गर्मी के इस बढ़ते ग्राफ के साथ ही डायरिया का खतरा कई गुना बढ़ गया है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दूसरा मरीज पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर पहुंच रहा है इनमें सबसे ज्यादा तादाद छोटे बच्चों की है। डायरिया के चलते कई बच्चों काे भर्ती करके उपचार भी दिया जा रहा है।
विज्ञापन

चिलचिलाती धूप से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है, इसका स्वास्थ्य पर भी असर दिखना शुरू हो गया है। इसी बीच होली पर लोगों ने तली भुनी और मिठाई का जमकर सेवन किया। कइयों ने तो मिलावटी खोया और खराब तेल से बने पकवान भी खाए। इस वजह से लोगों में पेट से जुड़ी समस्याएं होने लगी हैं। इतना ही नहीं, विशेषज्ञों के अनुसार, चिलचिलाती धूप में भोजन और पानी जल्दी दूषित हो जाते हैं। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वह बैक्टीरिया और वायरस की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। शरीर में पानी की कमी इस स्थिति को और भी जानलेवा बना रही है।
फिजिशियन डॉ. विकास चंद्रा विद्यार्थी ने बताया कि गर्मी के कारण बच्चों का इम्युन सिस्टम प्रभावित होता है। शरीर में पानी की कमी और संक्रमण मिलकर स्थिति को गंभीर बना देते हैं। यदि बच्चे को बार-बार दस्त या उल्टी हो रही हो तो उसे तुरंत ओआरएस दें और डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि अधिक तला भुना खाने से गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या हो जाती है। इससे मरीजों को तेज पेट दर्द और उल्टी दस्त की शिकायत हो रही है।
विज्ञापन



केस-1- हरियावां निवासी प्रीतम मिश्रा को पेट में दर्द के बाद काफी दस्त आने लगे परिजनों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में दिखाया। वहां डाॅक्टरों ने उन्हें तुरंत भर्ती कर लिया। करीब एक सप्ताह तक भर्ती रहने के बाद सेहत में सुधार के बाद छुट्टी दे दी गई।


केस-2- चठिया धनवार निवासी नीलिमा को भी पेट में तेज दर्द उठा। इमरजेंसी में दिखाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। हालांकि फौरी राहत के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।


ऐसे करें बचाव
- बच्चों को उबला हुआ या फिल्टर पानी पिलाएं।
- धूप में रखे हुए या खुले कटे फल न खिलाएं।
- ओआरएस और तरल पदार्थों का अधिक सेवन कराएं।
- बाजार के खुले जूस और बर्फ वाले पेय पदार्थों से बचें।
- बच्चों को सूती और ढीले कपड़े पहनाएं।
- दोपहर 12 से चार बजे के बीच बच्चों को बाहर न भेजें।
- ताजा और घर का बना खाना ही खिलाएं, बासी खाना बिल्कुल न दें।


इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- लगातार उल्टी और दस्त होना।
- आंखों का अंदर धंसना और जीभ का सूखना।
- बच्चे का सुस्त होना या रोते समय आंसू न निकलना।
- पेशाब कम होना या रंग गहरा होना।


वर्जन
तापमान में अचानक आए बदलाव से बच्चों का शरीर सामंजस्य नहीं बिठा पाता है। यदि बच्चे को दिन में तीन से अधिक बार दस्त हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। पानी की कमी जानलेवा हो सकती है। -डॉ. शेर सिंह, ईएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें