राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की जनपदीय कार्यकारिणी
की सोमवार को हुई बैठक में 23 जुलाई को लखनऊ में हुई महारैली की समीक्षा की
गई। पदाधिकारियों ने संबद्ध संगठनों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि संघर्षों
को लेकर हमेशा तैयार रहें, मांगे हर हाल में पूरी होंगी।
पीडब्ल्यूडी
निरीक्षण भवन में परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिषद अध्यक्ष अवधेश
सिंह ने कहा कि लखनऊ में हुई महारैली में शासन की नीतियों के कारण कुछ लोग
पहुंच पाए और कुछ नहीं पहुंच पाए। शासन के निर्देशों के बाद प्रशासन ने
राज्य कर्मचारियों को जिले में ही रोक लिया।
इसके बाद भी लक्ष्मण मेला
पार्क लखनऊ पहुंचने में कर्मी सफल रहे और महारैली को भी सफल बनाया।
उन्होंने कहा कि संघर्ष करते रहो मांगे तो पूरी ही होनी हैं। कहा कि
राज्य कर्मचारी विशेष रूप से केंद्रीय कर्मियों के भत्तों से समानता,
पुरानी पेंशन व्यवस्था लागे करना, ग्रेच्युटी की सीमा 15 लाख, उपार्जित
अवकाश 600 दिनों का सेवानिवृत्ति पर भुगतान कराना, सभी संवर्गों से स्नातक
कर्मियों को 4600 ग्रेड वेतन और सेवानिवृत्त आयु 62 वर्ष करना शामिल है।
इस
मौके पर अशोक वर्मा, लालचंद्र कुरील, महावीर प्रसाद, ध्रुव बाजपेई, अर्चना
वर्मा, सुमन देवी, गिरजा शंकर बाजपेई, दिनेश सिंह, राजीव मिश्रा, संजीव
सिंह, विजय सिंह, रामनरेश द्विवेदी, प्रभा सिंह, बाबू सिंह, माधुरी सिंह,
सिद्धार्थ प्रभाकर, नवीन और राजकुमार कपिल आदि मौजूद थे।