पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठे मृतकों के परिजन।
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हरदोई। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रेलवेगंज में शनिवार सुबह दंपति ने एक ही साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। उनके शव कमरे में फंदे पर लटकते मिले। पड़ोसी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों के शव उतरवाए। परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया। मृतक मूल रूप से शहर कोतवाली के भदैंचा गांव का निवासी थे।
शहर कोतवाली क्षेत्र के भदैचा निवासी एडवोकेट अरविंद कुमार तिवारी ने करीब 35 साल पहले हरदोई कचहरी में प्रैक्टिस शुरू की थी। इस दौरान उन्होंने शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रेलवेगंज में इलाहाबाद बैंक के पीछे प्रधान वाली गली में किराये पर कमरा लिया था।
पांच साल उनके बेटे सौरभ की शादी शाहजहांपुर के कटरा थाना क्षेत्र निवासी रूबी (28) पुत्री स्व. बृजकिशोर अवस्थी के साथ हुई। जबकि बेटी की शादी रेलवेगंज मोहल्ले में ही की थी। दोनों बच्चों की शादी करने के बाद अरविंद कुमार व उनकी पत्नी कभी अपने पैतृक गांव रहते तो कभी रेलवेगंज के किराये वाले मकान में। बेटा सौरभ व बहू रूबी ग्रेजुएट थे।
दोनों दिल्ली जाकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने लगे। परिजनों की मानें तो 15 दिन पहले दोनों दिल्ली से लौटे और रेलवेगंज स्थित किरायेवाले मकान में रहने लगे। शुक्रवार शाम दोनों खाना खाकर सोए थे। शनिवार सुबह करीब 8 बजे तक वे कमरे से बाहर निकले तो पड़ोस के कमरे में किराये पर रह रहे ज्ञानेंद्र ने कई आवाजें दी और कुंडी खटखटाई, पर कोई जवाब नहीं मिला।
आशंका होने पर ज्ञानेंद्र ने पड़ोसियों को बुलाया और रेलवेगंज पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तुड़वाया तो अंदर कमरे के कुंडे से एक ही साड़ी से फांसी पर सौरभ व रूबी लटकेे मिले। हादसे की जानकारी पर परिजन पहुंचे। पुलिस ने पूछताछ के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया।
सौरभ के साले विमल ने बताया कि अरविंद 10 बीघा जमीन अपनी बेटी को देना चाहते थे। इस बात को लेकर परिवार में कलह होता था। कलह के चलते ही सौरभ व रूबी ने फंदा लगाकर जान दे दी। दूसरी तरफ अरविंद का यह भी कहना है कि शादी के पांच साल बाद भी सौरभ को औलाद नहीं थी। इस वजह से भी वह तनाव में रहता था। कोतवाल भगवान सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। इस संबंध में अभी उनको तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।