फोटो-33-दुर्दशाग्रस्त पिहानी - कूल्हाघाट मार्ग पर एक ही बाइक पर जाते तीन सवार। संवाद
फोटो-34-कुछ इस तरह है पिहानी कूल्हाघाट मार्ग पर गड़्ढे। संवाद
- मरम्मत के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक हुए थे स्वीकृत, भाकियू की जिद पर बंद हुआ था मरम्मत का काम- चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव तभी होगा मंजूर, जब पूर्व का बजट हो जाएगा सरेंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र की पिहानी-बूढ़ागांव-कूल्हाघाट संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव की मंजूरी में एक और बाधा आ गई है। जनप्रतिनिधियों और भाकियू कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने के लिए विभागीय अभियंताओं के स्तर से की गई कवायद ही बाधा की वजह बनी है।
दरअसल मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव की जगह शासन में मरम्मत का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया था। इसके लिए बजट मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया भी पूरी हुई। अब जब तक मरम्मत का प्रस्ताव और निविदा प्रक्रिया निरस्त नहीं हो जाती तब तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण को लेकर आदेश जारी नहीं हो सकता।
पिहानी-बूढ़ागांव-कूल्हाघाट संपर्क मार्ग की लंबाई जिले की सीमा में लगभग साढ़े आठ किलोमीटर है। इसके आगे सीतापुर जिले की सीमा शुरू हो जाती है। हरदोई में उक्त सड़क का हिस्सा बेहद खराब है। गड्ढों में सड़क खोजनी पड़ती है। इसी मार्ग पर पौराणिक महत्व वाला धोबिया आश्रम भी है।
कई बार मंत्री रह चुके पूर्व सांसद डा. अशोक वाजपेयी का पैत्रक गांव बूढ़ा गांव भी इसी मार्ग पर है। इस मार्ग की दशा सुधार के लिए भाकियू नेता राहुल मिश्रा लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन लोनिवि के तत्कालीन अभियंताओं ने मरम्मत का भी एक प्रस्ताव भेज दिया था।
मरम्मत का प्रस्ताव पारित स्वीकृत होकर बजट भी मिल गया था। टेंडर होने के बाद सांसद जय प्रकाश और पूर्व सांसद अशोक वाजपेयी ने कार्य का शिलान्यास भी कर दिया था। इसी बीच अमर उजाला ने खुलासा किया कि चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का नहीं बल्कि सामान्य मरम्मत का कार्य ही होगा।
इसके बाद भाकियू ने भी विरोध किया और काम बंद कर दिया गया। अब न तो मरम्मत का कार्य हो पाया है और न ही विस्तृत कार्य का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। विभागीय जानकार बताते हैं कि जब पूर्व में जारी किया गया मरम्मत का प्रस्ताव निरस्त होगा तभी सड़क की विस्तृत दशा सुधार का प्रस्ताव मंजूर हो पाएगा।
गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश ने 9 अप्रैल 2022 को मुख्यमंत्री से मिलकर उक्त मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की मांग की थी। सांसद जय प्रकाश ने 19 जून 2021 को मुख्यमंत्री से मिलकर उक्त मार्ग की विस्तृत दशा सुधार की मांग की थी। तीन जनवरी 2023 को दोनों जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर विस्तृत आगणन शासन को भेजा गया था।
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मगर सामान्य मरम्मत का यह प्रस्ताव हुआ था मंजूर
आवागमन सुगम करने के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने आईआरक्यूपी (इप्रूवमेंट ऑफ रोड क्वालिटी पेवमेंट) यानी सतह सुधार के तहत कार्य का प्रस्ताव भेजा। इसके तहत पहले से बनी सड़क की मरम्मत होनी थी। आठ किलोमीटर लंबाई में कार्य कराने के लिए चार करोड़ 49 लाख 10्र हजार रुपये का प्रस्ताव शासन ने 7 मार्च 2024 को स्वीकृत किया था। इसी के तहत 3 अगस्त 2024 को कार्य शुरू कराया गया था, जो विरोध के कारण बंद हो गया।
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चौड़ीकण और सुदृढ़ीकरण के लिए चाहिए 23 करोड़ 98 लाख रुपये
सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए तीन बार एस्टीमेट भेजे गए थे। पहला 3 जनवरी 2023 को शासन भेजा गया था। यह आगणन 30 करोड़ छह लाख 96 हजार रुपये का था। विभाग के उच्चाधिकारियों ने 6 फरवरी 2023 को इसमें कुछ कटौती करते हुए 29 करोड़ 66 लाख 69 हजार रुपये का आगणन शासन को भेजा। शासन में इस आगणन का फिर से परीक्षण हुआ और फिर लागत घटकर 23 करोड 98 लाख 37 हजार रुपये हो गई।
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बजट और प्रस्ताव सरेंडर के लिए भेजा गया पत्र
पूर्व में सतह सुधार के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। इसके सापेक्ष एक करोड़ 95 लाख रुपये मिले थे। यह बजट सरेंडर करने के लिए अधीक्षण अभियंता की ओर से पत्र भेजा गया है। चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव को वित्तीय समिति ने मंजूर कर दिया है, लेकिन पूर्व के प्रस्ताव के निरस्त होने पर ही नया शासनादेश जारी होगा।-राज कुमार मौर्य, अधिशासी अभियंता