शिव विश्व कल्याण संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को शहीद उद्यान स्थित शहीद ज्योति स्तंभ पर श्रद्धासुमन अर्पित कर काकोरी कांड के महानायकों का 88 वां बलिदान दिवस शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया। पदाधिकारियों व अन्य कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र रक्षा का संकल्प लिया।
प्रदेश अध्यक्ष शिवसेवक गुप्त ने कहा कि क्रांति शिरोमणि पं. राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, राजेंद्र लाहड़ी सहित दस क्रांतिकारियों ने नौ अगस्त 1925 को मां भारती को अंग्रेजी बेड़ियों से आजाद कराने के लिए काकोरी में अंग्रेजी खजाना अपने कब्जे में लेकर सशस्त्र क्रांति का आगाज कर स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल फूंक कर युवाओं को देश पर मर मिटने का जज्बा पैदा कर अतुलनीय व अद्भुत कार्य किया था।
जिससे उनके बलिदान, शौर्य को कभी भुलाया नहीं जा सकता। संस्थान के प्रदेश महामंत्री डा. सुरनाथ अवस्थी खुनखुन ने कहा कि काकोरी कांड के महानायकों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी वीरता, साहस, शौर्य व बलिदान से सीख लेकर राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। समाजसेवी वैद्य बाल शास्त्री व धर्मेंद्र सिंह ने ओजस्वी प्रसंगों को सुनाकर लोगों में देश भक्ति का जज्बा पैदा किया। इस मौके पर राघवेंद्र प्रताप सिंह, राघवेंद्र बाजपेई, दिनेश चंद्र, ओम कुमार, राम बहोरन आदि मौजूद रहे।