हरदोई। सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने हुंकार भरी। संघ के जिलाध्यक्ष अक्षत पांडेय ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता को वापस लिया जाए। टीईटी काला कानून है जो शिक्षकों के साथ एक साजिश है।
संघ के आह्वान पर पदाधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षक जीआईसी में एकत्र हुए। वहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां पर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रांतीय कोषाध्यक्ष शिवशंकर पांडेय के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट एसके त्रिवेदी को सौंपा। प्रांतीय कोषाध्यक्ष ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार की तरफ से गुप-चुप तरीके से सेवारत शिक्षकों की सेवा शर्तों में संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से बाध्यकारी किए जाने से शिक्षक आहत, शिक्षक समाज हतप्रभ है। शिक्षक के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि भर्ती के समय शिक्षकों ने सरकार के मापदंड को पूरा किया था। शिक्षक हित के लिए संघ प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा से संपर्क में हैं। जिला मंत्री विपिन सिंह, कोषाध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष ललित शुक्ला, नीता गुप्ता, अनंत राम पांडेय, राजकुमार मिश्रा, हिमांशु श्रीवास्तव, राजकुमार मिश्रा, रूपेश अवस्थी, वीरपाल कठरिया, सजीव पांडेय, अनुराग अवस्थी, देवेंद वाजपेयी, आशा वर्मा रहे।