हरदोई। संडीला विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय में गैर हाजिर मिली प्रभारी प्रधानाध्यापिका समेत तीन अध्यापिकाओं पर कार्रवाई 15 दिन फाइल में दबी रही। खंड शिक्षा अधिकारी की संस्तुति के बाद भी कार्रवाई करने में जिम्मेदारों के हाथ कांपते रहे। इसी तरह टीसी न देने के आरोप में प्रभारी प्रधानाध्यापिका का निलंबन शिकायत के दो माह बाद हुआ है। चर्चा है कि फाइल दबी होने की बात जिले के आला अफसरों तक पहुंच गई थी। इसके बाद कार्रवाई हुई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह की ओर से विकास खंड संडीला के प्राथमिक विद्यालय उत्तरकोध की तीन शिक्षिकाओं शुभीराज त्रिपाठी, आयुषी मिश्रा व क्षमा पांडेय के निलंबन का आदेश जारी किया गया है। आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी संडीला ब्रजेश त्रिपाठी ने 16 मई को ग्रामीणों की शिकायत पर विद्यालय की शिक्षिकाओं से संपर्क किया था। इनमें से प्रधानाध्यापिका शुभीराज त्रिपाठी विद्यालय में अनुपस्थित थी। पता चला था कि क्षमा पांडेय भी गैर हाजिर हैं।
आरोप है कि विद्यालय में उपस्थित आयुषी मिश्रा ने दोनों के हस्ताक्षर उपस्थिति पंजिका पर कर दिए थे। नोडल शिक्षक संकुल सतेंद्रवीर से जांच कराई गई तो उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर भिन्न मिले। बावजूद इसके कार्रवाई की पत्रावली 19 मई से बीएसए कार्यालय में अटकी रही। एक जून को निलंबन का आदेश जारी किया गया।
वहीं विकास खंड संडीला के जूनियर हाईस्कूल नरायनपुर की प्रभारी प्रधानाध्यापिका रेनू कनौजिया को भी निलंबित कर दिया गया। उनके खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी ने तीस मार्च को आख्या दी थी। आरोप था कि प्रभारी प्रधानाध्यापक ने गांव के कमल किशोर को टीसी की द्वितीय प्रति नहीं दी थी। बीईओ की आख्या के दो माह बाद विभाग को शिक्षिका पर कार्रवाई की सुध आई और उसको निलंबित कर दिया गया।