केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए
सोमवार को रेलवे कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय संयुक्त संघर्ष
समिति, नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के बैनर तले रेलवे कर्मचारियों ने लंबित
मांगों का निस्तारण न होने पर विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान केंद्र
सरकार विरोधी नारे लगाते हुए रेलवे कर्मचारियों ने स्थानीय रेलवे स्टेशन से
लेकर कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और चौदह सूत्रीय मांग पत्र कैबिनेट मंत्री
को संबोधित करते हुए नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा है। राष्ट्रीय संयुक्त
संघर्ष समिति, नादर्न रेलवे मेेंस यूनियन के बैनर तले शाखा अध्यक्ष शैलेश
तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
रेलवे
स्टेशन पर सभा करने के बाद पदाधिकारियों ने एक जुलूस कलक्ट्रेट परिसर तक
निकाला, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया। शाखा
अध्यक्ष ने कहा कि देश में आम आदमी की बेहतरी का वादा करने पर ही भाजपा को
सत्ता मिली, पर अब उन्होंने जो नीतियां बनाई हैं, उनसे लोगों को निराशा हाथ
लगी है।
कहा कि सभी कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि एफडीआई निवेश में आवेश समाप्त हो, 25 प्रतिशत अंतरिम
राहत का भुगतान हो, महंगाई भत्ते को वेतन में समाहित करें, खाली पदों को
भरा जाए, स्थायी पदों पर आउट सोर्सिंग रोकी जाए, नई पेंशन स्कीम समाप्त की
जाए और सभी कर्मियों को एक जनवरी 2004 से पूर्व नियुक्त स्टाफ के लिए लागू
पेंशन और परिवार पेंशन स्कीम के तहत लाया जाए।
बोनस के भुगतान के उद्देश्य
से 35 हजार की सीलिंग लिमिट को हटाया जाए। वित्त संबंधी स्थाई समिति की
सिफारिशों के अनुसार आयकर सीमा पांच लाख किया जाए। इसके अतिरिक्त तमाम
मांगों के संबंध में कैबिनेट मंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को
दिया।
वहीं मांग पूरी न होने पर 28 अप्रैल को संसद का घेराव करने की
चेतावनी भी दी। इस मौके पर गोपाल मिश्रा, संजय श्रीवास्तव, मो. जावेद, आरसी
सिंह, ऐके बघेल, लता त्रिपाठी, राजपाल सिंह, गोलू सिंह आदि मौजूद थे।