हरदोई। बैंक शाखाओं के भीतर ग्राहकों का रेला और बाहर लाइन के रूप में लग रहे लोगों के मेले के बीच नोट बदलने को लेकर अफरा-तफरी मची है। लोगों को 500, 1000 के नोट बदलने के लिए धक्का-मुक्की का सामना करने के साथ घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है । इसके बाद भी तमाम लोगों को लौटना पड़ रहा है। बैंकों में निर्धारित मानक चार हजार रुपये तक बदलने और बैंक खाते से 10 हजार रुपये तक निकालने के लिए कैश नहीं मिल पा रहा है। जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही है । उधर, अधिकांश एटीएम अभी भी चालू नहीं हो पाए हैं। जिससे 500 से 2000 तक कैश निकालने के लिए एटीएम धारकों को भी भटकना पड़ रहा है ।
तीन दिन से नोट बदलने का काम चौथे दिन रविवार को भी जारी रहा। जिले की 264 बैंक शाखाओं में नोटों को बदलने का काम जारी रहा। अधिकंाश बैंकों के पास नई करेंसी के नोट से लेकर 100 और 50 के नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जिसके कारण अधिकांश बैंक शाखाओं (ग्रामीण क्षेत्र) में औसतन प्रतिदिन एक से दो लाख के नोट ही बदले जा रहे हैं । कुछ बैंक 10 रुपये के सिक्के का ऑफर देकर लोगों का काम चलाने की कोशिश कर रहे हैं । बड़ी बैंकों में एसबीआई और बीओआई के पास करेंसी चेस्ट होने से वहां पर अन्य बैंकों की अपेक्षा ज्यादा नोट बदले जा रहे हैं।
जबकि निजी क्षेत्र की बैंकों में एचडीएफसी व एक्सिस बैंक भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को नोट एक्सचेंज करने का प्रयास कर रहे हैं। अन्य बैंकों में शहरी क्षेत्र छोड़कर अन्य स्थानों पर हाल खराब है। ज्यादातर एटीएम बंद हैं और करेंसी कम होने के कारण किसी को दो हजार तो किसी को पांच सौ के सिक्के देकर काम चलाया जा रहा है । डाकघरों की भी हालत बेहद खराब है । दो सौ से तीन सौ लोगों के ही नोट बदल पा रहे हैं । रविवार को भी लोगों का रेला बैंकों के बाहर उमड़ा लेकिन अधिकांश लोगों को या तो मायूसी हाथ लगी या फिर पांच सौ के सिक्के या फिर दो हजार के एक्सचेंज से ही काम चलाना पड़ा ।
डीडीएम नाबार्ड राजीव मोहन ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस पर बैंकों के साथ बैठक की है । लोगों को धैर्य बनाए रखना है। बैंकें लगातार कार्य कर रही है। कहीं-कहीं करेंसी कम होने से समस्या है लेकिन परेशान होने की बात नहीं है। खाते में पैसा जमा करें और एटीएम, इलेक्ट्रॉानिक भुगतान से भी काम चलाएं । करेंसी की उपलब्धता को लेकर बैंकें लगातार प्रयास कर रही हैं ।
स्थानीय प्रधान डाकघर में भी रविवार से नोटों को बदलने का काम शुरू हो गया है। डाकघर में भी रविवार को पूरे दिन लंबी कतारें लगी रहीं। उपडाकपाल ने बताया कि पिछले दों दिनो से डाकघर में करेंसी न होने के कारण पुराने नोट नहीं बदले जा सके। रविवारसुबह से नोट बदलने का काम शुरू हो गया। सभी को चार हजार से कम के नोट बदलकर दिए जा रहे हैं तथा पांच सौ व एक हजार के नोट खातों में जमा करने में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। इसके अलावा बैंक ऑफ बडौदा, स्टेट बैंक, पीएनबी, आंध्रा बैंक, सिंडीकेट बैंक, इलाहाबाद बैंक तथा अवध ग्रामीण बैंकों में रुपये बदलने का काम चलता रहा लेकिन एटीएम अभी चालू नहीं हो पाए क्योंकि दो हजार रुपये के नोट का साफ्टवेयर अभी तक एटीएम मशीन में नहीं लग पाया है।
एक्सिस बैंक की स्थानीय शाखा में नोट बदलने के लिए लाइन में खडे लोगो को बैंक के अधिकारी राहुल शुक्ला ने बिस्कु ट के पैकेट दिए व पानी पिलाया। बैंक कर्मचारियो की इस कार्य की सभी ने सराहना की तथा लाइन में खडे लोगो ने बैंक वालो को शांति व सहयोग देने का भरोसा दिलाया। शाखा प्रबंधक मोहित श्रीवास्तव , मयंक दिवाकर आदि कर्मचारियो की देखरेख में बिस्कुट के पैकेट दिए गए। सामाजिक कार्यकर्ता अतुल तिवारी ने भी इस कार्य में सहयोग किया।
कस्बे में एसबीआई बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैक के अलावा डाकघर में काफी लंबी लंबी नोट बदलने वालों की कतारे लगी परंतु सभी लाइन धारकों के नोट नहीं बदला जा सका। एटीएम भी बंद पड़े हैं । डाकघर में कैश न होने की नोटिस लगी है । यहां लाइन में लोगों ने धक्का-मुक्की भी जिस पर पुलिस बल ने शांति व्यवस्था बनाई । शाजिद, सुधीर, गोविन्द ,धरमू आदि ने बैंक के अधिकारियों पर सिर्फ परिचितों के नोट बदलने का आरोप लगाया ।