मनरेगा सहित अन्य विकास कार्यों की धनराशि का बंदरबांट होने एवं विभिन्न किसान समस्याओं को लेकर भारतीय किसान मजदूर यूनियन राष्ट्रवादी के पदाधिकारियों व किसानों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया तथा छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम रमेश मिश्र को सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
जिलाध्यक्ष राजकरन सिंह यादव ने कहा कि कोथावां ब्लाक की ग्राम पंचायत जरौआ में प्रधान का कार्य प्रधानपति कर रहा है, जो दबंग किस्म का है। आरोप लगाया कि मनरेगा से लेकर विकास कार्यों को लेकर आई धनराशि का बंदरबांट हो रहा है। बीपीएल सूची से पात्रों के नाम काटे जा रहे हैं और अपात्रों के नामों को शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने कोथावां में वर्ष 2007-08 से वर्ष 2013-14 तक बनवाए गए स्वच्छ शौचालयों की जांच कराए जाने, लोहिया आवासों की चयन सूची की जांच कराने, नि:शुल्क बोरिंग में धांधली की जांच कराकर कार्रवाई कराए जाने की मांग की। इस मौके पर हरिकिशोर मौर्य, अलका देवी, सुनीता देवी, राधा वर्मा, उमेश कुमार सिंह, शशी वर्मा, सुमन, जय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।