हरदोई। बीते बुधवार को मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान हुई विवाहिता की मौत के बाद पोस्टमार्टम का मामला 43 घंटे तक उलझा रहा। पहले ससुरालीजन और मायके पक्ष के लोग एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे और बाद में पंचनामा पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद नायब तहसीलदार की संस्तुति पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र के बर्रा निवासी चंद्रसेन की पत्नी रेखा (24) का प्रसव 10 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था। जच्चा-बच्चा दोनों स्वास्थ्य होने पर चिकित्सक ने उसे, उसी दिन छुट्टी दे दी थी। बीते बुधवार को रेखा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसको मेडिकल कॉलेज लाया गया। वहां रात 9.30 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। बृहस्पतिवार को मोर्च्युरी के बाहर मायके पक्ष के लोग भी आ गए। शहर कोतवाली क्षेत्र के काशीपुर निवासी मृतका के बड़े भाई विपिन ने बहनोई पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।
मौके पर नायब तहसीलदार लालचंद्र मौके पर पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के एक राय न होने पर पंचनामा नहीं भरा जा सका। शुक्रवार को दोनों पक्ष तैयार हुए तो पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया।