मनुष्य के शरीर में परमात्मा का अंश आत्मा के रूप में विराजमान है। इसमें बड़ी विलक्षण शक्तियां मौजूद हैं। उन्हें जागृत करने की आवश्यकता है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार की शाखा बावन की ओर से कस्बे के नारायण बालिका इंटर कॉलेज में चल रहे 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन टोली नायक पंडित रामशंकर मिश्र ने उक्त बात कही। उन्होंने कहा कि व्यक्ति भटका हुआ देवता है। साधना के माध्यम से दैवीय शाक्तियों को जागृत किया जा सकता है।
यदि विचारों को साध लिया जाए तो जीवन सफल हो जाएगा और अनेक शक्तियां प्राप्त हो जाएंगी। मनुष्य भगवान की श्रेष्ठतम कला है। भगवान की समर्पण भाव से साधना करने से मनुष्य देवत्व को धारण कर सकता है।
मंच का संचालन करते हुए परिवार के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी आरबी शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम गायत्री परिवार के साधक स्व. कृष्ण मोहन मिश्र की पुण्य स्मृति में आयोजित किया जा रहा है।
सीएचसी हरपालपुर की डॉ. वंदना पांडेय, डॉ. आनंद पांडेय ने मंच का पूजन किया। टोली नायक ने डॉ. दंपति और भाजपा विधायक प्रतिनिधि धर्मेश मिश्र को पीत वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर शांतिकुंज तीर्थ आने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर संयोजक श्रीकृष्ण पहलवान, सत्यम मिश्रा, दिनेश सविता, रमेश गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, सियाराम, फूलसिंह कुशवाहा आदि मौजूद रहे।