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‘मां जन्म देती है और गुरु जीवन’

Sat, 05 Sep 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
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शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज शुक्रवार की दोपहर जिले के लगभग चार हजार प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में गूंजी। अपने व्याख्यान में कई ऐसे प्रसंग रहे जिसको सुनकर न सिर्फ बच्चे गंभीर हो गए बल्कि टीचर भी भाव विभोर हुए न रह सके।
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खासकर उनके द्वारा कहे गए वाक्य कि मां जन्म देती है तो गुरु जीवन ने सभी के दिलों को छू लिया। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात को सुनने को बच्चों में उत्साह का मिला जुला असर रहा, पर लापरवाही के चलते सरकारी स्कूलों को छोड़कर अन्य स्कूलों में अबकी व्याख्यान को कोई तवज्जो नहीं दी गई।

उधर, जिले के चार हजार से ज्यादा प्राइमरी, उच्च प्राइमरी जूनियर स्कूलों में मोदी की बातों को ध्यान से सुना गया। मोदी द्वारा सुनाए गए मिट्टी से घड़े बनने एवं एक बच्चे से संस्कारित बालक बनाने का दायित्व टीचरों के कंधों पर डालने वाले प्रसंग भी बाद तक चर्चा में रहा।
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बहरहाल केंद्रीय विद्यालय जीआईसी के अलावा कहीं टीवी पर मोदी को सामने से देखने का मौका छात्र-छात्राओं को कहीं और नहीं मिल पाया। उधर, गांव की चौपालों में भी ग्रामीणों ने रेडियो के माध्यम से मोदी के मन की बात सुनी। उधर, मोदी द्वारा अपने वाक्यों में अधिकांश जगहों पर अंग्रेजी के कुछ प्रचलित शब्दों का प्रयोग किया गया जिसको सुनकर तपाक से बच्चे अपने टीचरों से उस शब्द का अर्थ पूछ बैठे।

प्राइमरी विद्यालय नरधिरा में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का टीचर अमित कुमार आदि जवाब देते रहे। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों में भी रेडियो व टेलीविजन आदि से मोदी के मन की बात को सुना गया। सुरसा के स्कूल में रेडियो पर मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति व अब्दुल कलाम के बाबत जानकारी दी तो बच्चियों ने भी टीचरों से उनके बाबत कुछ और प्रश्न पूछे।

जिस पर वार्डन वसुधा, अनामिका दुबे व शैलजा, अमित आदि ने जानकारी दी। उधर, जूनियर विद्यालय कुर्रिया में भी मोदी के मन की बात को सुनने को बच्चों व टीचरों में उत्साह देखने को मिला। टीचर आशुतोष मिश्र, उमा तिवारी आदि ने व्यवस्थाओं की कमान संभाली। यहां भी अंग्रेजी के शब्दों को लेकर बच्चों में उहापोह की स्थिति देखने को मिली और उसका निदान टीचरों द्वारा बाद में किया गया।
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