एमएलसी चुनाव की रणभेरी बज गई है। योद्धा मैदान फतेह करने की मंशा के साथ रणक्षेत्र में उतरने की तैयारी करने लगे हैं। हालंाकि सियासत के योद्धा अभी आमने-सामने नहीं हैं। अभी सपा ने ही प्रत्याशी तय किया है। अगर कोई मैदान में चुनौती देने नहीं आया तो सपा उम्मीदवार का निर्विरोध निर्वाचन तय हो सकता है। इस विजय को रोकने के लिए मुहिम छिड़ गई है । इसमें दलीय नेताआें के अलावा निर्दलीय भी शामिल हैं।
स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र एमएलसी चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है। इसके अनुसार नामांकन 15 फरवरी को होगा। नामांकन पत्रों की जांच 16 फरवरी को होगी। नाम वापसी के लिए 18 फरवरी तय है। मतदान 3 मार्च एवं मतगणना 6 मार्च को होगी। चुनाव केे लिए अभी सपा ने ही अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है। मौजूदा समय में बसपा के कब्जे वाली इस सीट के लिए अभी पार्टी ने पत्ते नहीं खोले हैं।
बसपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश गौतम कहते हैं कि चुनाव के लिए पार्टी के निर्देशों का इंतजार है। पार्टी के निर्देशों के मुताबिक ही काम किया जाएगा। कांग्रेस प्रत्याशी लड़ाने का एलान कर चुक ी है। हालांकि अभी तक नाम तय नहीं हो सका है। भाजपा प्रत्याशी लड़ाने की बात तो कह रही है, लेकिन मामला टिकट मांगने वालों से जान पहचान करने तक सिमटा हुआ है।
भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्रा कहते हैं कि निर्विरोध चुनाव का प्रशभन सिर्फ बातें करने जैसा है। भाजपा पूरी ताकत के साथ एमएलसी चुनाव में प्रत्याशी उतारेगी। सियासी दलों के साथ ही कुछ लोग निर्दलीय भी चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं। इनकी अपने स्तर पर तैैयारी चल रही है। ऐसे में चुनावी जंग होने पर यह देखना लाजिमी होगा कि कौन सा योद्धा विजय पताका फहराएगा ।