भादों माह में भी उमस और गर्मी लोगों को पसीना पसीना कर रही है। बारिश को
लेकर अरमान पूरे नहीं हो पा रहे हैं। लोगों को पसीना पसीना होने के साथ धूप
से बचाव को छातों का प्रयोग करना पड़ रहा है।
गुरुवार
को तापमान का अधिकतम स्तर 37.0 एवं न्यूनतम 25.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
भादों माह की शुरुआत से ही फुहारी और झमाझम बारिश के साथ गर्मी की राहत की
उम्मींदे हर रोज टूटती नजर आ रही हैं। इस माह में अभी तक बारिश के नाम पर
बूंदाबांदी तक नहीं हुई है। धूप और पुरवा हवाओं के गठजोड़ से बनने वाली उमस
लोगों को बेहाल कर रही है।
जिस तरह से इस साल भादों माह में तापमान का
स्तर 37 डिग्री सेल्सियस के आस पास है और धूप के बीच उमस पसीना पसीना कर
रही, उससे लोगों को जेठ और अषाढ़ माह जैसी उमस का अहसास हो रहा है। उधर,
मौसम वेधशाला के प्रभारी जयशंकर मिश्रा कहते हैं कि बीते दिनों में आस पास
के जनपदों में गाहे बगाहे बारिश हो रही है, पर यहां बादल आते भी है तो बिना
बरसे ही चले जाते हैं।
ऐसे में मौसम को लेकर कोई अनुमान लगा पाना संभव
नहीं है। पूर्व के अनुमान सटीक नहीं बैठ सकें। मौसम के मिजाज से तो यही लग
रहा कि फिलहाल उमस भरी गर्मी से निजात मिलने वाली नहीं है।