कछौना (हरदोई)। ब्लैक होने जा रहा गरीबों के हक का 117 बोरी अनाज पुलिस ने पकड़ लिया। अनाज ज्ञानपुर के कोटेदार का बताया गया। सुबह एसडीएम और पूर्ति निरीक्षक ने छापा मारकर कोटेदार सहित तीन घरों से 176 बोरी गेहूं-चावल बरामद किए। कोटेदार की ऊपर तक पहुंच होने के कारण कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है। सोमवार देर रात तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसडीएम का कहना है कि डीएम को जानकारी देकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संडीला तहसील के गांव ज्ञानपुर की राशन की दुकान का अनाज रविवार की रात डीसीएम में लोड होकर ब्लैक होने जा रहा था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कछौना कोतवाली में दी। पुलिस ने रात करीब 12 बजे गांव के बाहर डीसीएम को कब्जे में ले लिया जबकि चालक भाग निकला। कोतवाल की सूचना पर सोमवार की सुबह पूर्ति निरीक्षक अमित चतुर्वेदी और योगेश कुमार ने कोतवाली पहुंचकर अनाज की जांच की। डीसीएम में 117 क्विंटल गेहूं और चावल लोड़ था। इसके बाद दोनों अधिकारी कोटेदार रामबाबू वाजपेयी के घर पहुंचे। घर में बने गोदाम में 49 बोरी गेहूं और 22 बोरी चावल मिला।
ग्रामीणों ने पूर्ति निरीक्षक को बताया कि दो और मकानों में कोटे का राशन रखा है। दोनों मकानों मेें ताले लगे थे। पूर्ति निरीक्षक ने एसडीएम अशोक प्रताप सिंह को सूचना दी। एसडीएम की मौजूदगी में दोनों घरों के ताले तुड़वाए गए। एक घर में 86 बोरी गेहूं मिला, दूसरे में 19 बोरी चावल मिला। लोगों का कहना है कि घर कोटेदार का ही है। एसडीएम ने बरामद राशन गोदाम प्रभारी लखपति की सुपुर्दगी में दिया। फिलहाल कोटेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एसडीएम ने बताया कि डीएम को सूचना देकर समुचित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
छह माह से नहीं बांटा था राशन
ग्रामीणों ने बताया कि कोटेदार दबंग किस्म का है। वह छह महीने से राशन नहीं बांट रहा है। राशन मांगने पर गाली गलौज और मारपीट पर आमादा हो जाता था। सत्ताधारी दल के बड़े नेता का हाथ होने की वजह से अधिकारी भी कार्रवाई नहीं करते थे।
जांच में हुआ था खेल
सत्ता का दबाव होने से अधिकारी भी कोटेदार पर हाथ नहीं डालते थे। कुछ समय पहले गांव के रामबाबू ने अधिकारियों से कोटेदार की शिकायत की थी। तथ्यों के साथ शिकायत मिलने पर अधिकारी जांच करने गांव गए लेकिन जांच में खेल कर दिया गया। मौके पर गए अधिकारियों ने दूसरे रामबाबू को बुलाकर पूछताछ की और सब कुछ ठीक होने की रिपोर्ट लगा दी।