जूनियर हाईस्कूल के खेल मैदान पर भूमाफिया के कब्जे
को लेकर शनिवार को भाजपा और बसपा के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल डीएम रमेश
मिश्र से मिला और एसडीएम बिलग्राम पर आरोप लगाते हुए स्कूल की जमीन को
कब्जा मुक्त कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बसपा
नेता राजेश पाठक, भाजपा नेता अभय शंकर शुक्ला, नंदकिशोर गुप्ता, सुभाष
चंद्र पांडेय और मनोज अग्निहोत्री के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर
कहा कि तीन जून को शाम करीब चार बजे एसडीएम बिलग्राम पीपी तिवारी भारी
पुलिस बल व राजस्व कर्मियों के साथ बाजीगंज स्थित जूनियर हाईस्कूल के एक
खेल मैदान पर पहुंचे।
आरोप है कि उन्होंने एक भूमाफिया को मैदान की नापजोख
के बाद उसे कब्जा करा दिया। उन्होंने बताया कि इस जमीन के कुछ हिस्से पर
स्कूल की बिल्डिंग है और लगभग 8 बीघा पर खेल मैदान दक्षिण की ओर है। कहा कि
यह जमीन उस वक्त किन्हीं कारण से स्कूल के नाम दर्ज नहीं की गई।
कालांतर
में भगवंत नगर निवासी जमींदार राय साहब व जय नारायण मिश्र ने इस जमीन को
खरीदा और जमीन व खेल मैदान स्कूल के पास ही दान पत्र द्वारा रहने दी। बताया
कि राय साहब व जय नारायण मिश्र के कोई पुत्र न होने से उन्होंने जमींदारी
विनाश अधिनियम से बचने को मिश्र ने अपने नाम से एजुकेशनल व चैरिटेबल ट्रस्ट
के नाम सारी जमीन कर दी।
उन्होंने जमीन के बाबत कई अन्य महत्वपूर्ण
जानकारी देते हुए उसकी उपयोगिता बताई और कहा कि इस जमीन पर भूूमाफियाओं ने
कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं जिन लोगों ने इस पर आपत्ति की उनके खिलाफ
शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज की गई।
उन्होेंने फर्जी रिपोर्ट को निरस्त कराने व
इस मामले में मदद कर रहे सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई
और कब्जा कर कराए गए अवैध निर्माण हटवाने को एडीएम और प्रभार्री ईओ नगर
पालिका मल्लावां को निर्देशित करने की मांग करते हुए एसडीएम का स्थानांतरण
कर उनकी कार्य प्रणाली की जांच की मांग की।
उधर, एसडीएम पीपी तिवारी ने
बताया कि लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने शिकायत के आधार पर जमीन की
नापजोख कराई थी, किसी का कब्जा नहीं कराया। न ही इसकी उन्हें जानकारी है।