कुपोषण से प्रभावित बच्चों की बेहतरी को अब शासन स्तर
से निगरानी की जाएगी। राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों
पर पंजीकृत अति कुपोषित बच्चों का नियमित वजन कर रिपोर्ट भेजनी होगी। मिशन
निदेशक से आए निर्देशों के बाद सभी सीडीपीओ को निर्देशित कर दिया गया।
साथ
ही प्रतिमाह वजन कर रिपोर्ट फीड कराने के निर्देश दिए गए। बच्चों और
गर्भवती महिलाओं में कुपोषण को दूर करने को राज्य पोषण मिशन की शुरुआत की
गई है। जिसमें पोषण दिलाने को विभागों को भी जिम्मेदारी दी गई और अफसरों ने
भी गांवों को गोद लिया है।
गोद लेने वाले अफसरों को तो प्रतिमाह नियमित
रूप से निरीक्षण कर विभागों की योजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए गए
हैं। वहीं अब शासन ने भी अतिकुपोषित बच्चों की निगरानी करने का फैसला किया
है। ज्ञात हो कि आंगनबाड़ी केंद्रों को अतिकुपोषण से प्रभावित बच्चों को
लाल श्रेणी में चिह्नित किया गया है।
इन्हीं बच्चों का अब प्रतिमाह वजह कर
राज्य पोषण मिशन के साफ्टवेयर पर फीड कराना होगा। मिशन निदेशक और मुख्य
सचिव के निर्देशानुसार हर विकास खंड के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाल
श्रेणी के बच्चों का वजन लिया जाएगा। शासन के के निर्देश पर डीपीओ प्रकाश
कुमार ने भी सभी सीडीपीओ को निर्देशित कर दिया है, जिसमें उन्होंने लाल
श्रेणी के बच्चों का वजन कर हर माह की पांच तारीख तक रिपोर्ट देने के
निर्देश दिए।
कहा कि शासन ने हर माह की आठ तारीख को रिपोर्ट मांगी है, ऐसे
में पांच तारीख तक रिपोर्ट देने में हीलाहवाली करने वाली कार्यकत्री, मुख्य
सेविका और सीडीपीओ पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीपीओ ने सभी सीडीपीओ को
निर्देश जारी कर दिए हैं।