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ईरान का खेल कुराश अब जिले में भी

Sat, 02 May 2015 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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जूडो, आत्या पात्या के बाद ईरान में खेले जाने वाला कुराश भी प्रदेश भर में जिले की एक नई पहचान बनकर उभरने वाला है। जल्द ही स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश भर की टीमें भाग्य आजमाती नजर आएगी। प्रदेश भर से इसी जिले के दो खेल टीचरों का चयन भी कर लिया गया है।
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जूडो की भांति ही आत्मरक्षा को कुराश को खेला जाता है। जूडो में जहां हाथों के साथ पैरों को भी चलाने की छूट होती है, पर कुराश में पैरों को चलाने की इजाजत नहीं है। यदि चलती है तो इसे फाउल माना जाता है। फिलहाल आस पास के जिलों में कम ही लोग हैं, जो इसे जानते हैं, पर मंडल व मुख्यालय स्तर पर इसे बखूबी पसंद किया जाने लगा है।

और तो और इलाहाबाद, सहारनपुर, कानपुर व लखनऊ में इनकी टीमों का बखूबी इस ओर प्रैक्टिस करना बताया जा रहा है। कुल मिलाकर जिले में इस खेल की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता होना बिल्कुल तय हो गया है। यूपी कुराश एसोसिएशन के जनरल सेक्रेट्री विक्रांत कुमार ने भी इसी जिले में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता कराने को हामी भर दी है।
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इसके बाद प्रदेश भर के जिलों से इस ओर ट्रेंड करने को टीचरों को मांगा गया था जिसमें जिले के लिए गौरव की बात यह है कि प्रदेश भर से दो ही टीचरों का चयनित किया गया है, जिसमें जिले के ही दो टीचर हैं, जिनमें बीजीआर इंटर कालेज बिलग्राम के विवेक कुमार एवं जगन्नाथ सिंह इंटर कालेज के बृजकिशोर को चयनित कर लिया गया है।

जिन्हें साईं कैंपस औरंगाबाद में दो से पांच मई तक प्रशिक्षित किया जाएगा। इस बाबत जिला क्रीड़ाधिकारी अनिमेष सक्सेना ने बताया कि जिले में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता होना बिल्कुल तय हो गया है। जिले से ही ट्रेंड टीचरों के तैयार होने के बाद जिले के इंटर कालेजों से इसकी टीम तैयार की जाएगी। पहले जनपद स्तर पर फिर मंडल और इसके बाद राज्यस्तरीय प्रतियोगिता इसी जिले में होगी।

उधर, आत्या पात्या भी जब अपनी पहचान को मोहताज था, तब भी इसी जिले में इस खेल को नई ऊर्जा दी गई थी। इस जिले से ही कोच भी इस खेल में दिए गए। अब कुराश भी कुछ ऐसा ही है, जब इस खेल को कम लोग जानने वाले हैं तो इसकी शुरुआत इसी जिले से होने जा रही है।
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जिला क्रीड़ाधिकारी ने बताया कि पांच मई के बाद जिले में आने पर खेल टीचर टीमों पर काम करना शुरू कर देेंगे।
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