सांडी। आठ जून को विवाह के बंधन में बंधने जा रही युवती ने होने वाले पति को व्हाट्सएप कर जबरन शादी कराने की बात बताई। मामला परिजनों तक पहुंचा तो युवती को समझाने की कोशिश की गई। युवती नहीं मानी। बृहस्पतिवार को थाने में दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर एक दूसरे का सामान वापस करने की बात तय कर ली।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक ने अपनी बेटी की शादी पिहानी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के युवक से तय की थी। गोदभराई, वरीक्षा और तिलक भी हो गया था। आठ जून को शादी होनी थी। इस दौरान युवती के होने वाले पति को व्हाट्सएप पर बताया कि उसकी शादी जबरन की जा रही है। वह कहीं और शादी करना चाहती है। युवक ने परिजनों को बताया।
दोनों पक्षों ने युवती को समझाया, लेकिन युवती नहीं मानी। बुधवार को दोनों पक्षों ने थानाध्यक्ष को पूरी बात बताई। इस पर थानाध्यक्ष केके यादव की मौजूदगी में दोनों पक्षों को समझाकर बृहस्पतिवार को आपसी समझौता करा दिया। दोनों पक्ष एक-दूसरे का सामान वापस देने को राजी हो गए।