देश में भविष्य में होने वाले चुनावों में मतदान
इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से न कराने को लेकर बहुजन मुक्ति पार्टी के
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताआें ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में जुलूस की शक्ल
में पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए ईवीएम की अर्थी निकाली। इस दौरान
प्रदर्शनकारियों ने भविष्य में होने वाले हर चुनाव को बैलेट पेपर से ही
कराने की मांग की।
प्रांतीय महासचिव यदुनंदन लाल वर्मा ने कहा कि
सुप्रीम कोर्ट ने आठ अक्तूबर 13 को पेपर ट्रेल लगाने का आदेश दिया था, पर
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 14 में पूरे देश में मात्र .03338 प्रतिशत जगह
पर ही पेपर ट्रेल ईवीएम मशीन के साथ लगाकर कोर्ट के आदेश का मजाक उड़ाया।
उन्होंने कहा कि इसके विरोध में चुनाव आयोग पर कोर्ट आफ कंटेम्ट होना चाहिए
था। यह भी आरोप लगाया कि इससे यह सिद्ध होता है कि चुनाव आयोग का चरित्र
संविधान विरोधी है, इसलिए बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय कार्यक्रम के
तहत संपूर्ण भारत के 31 राज्यों में 550 जिलों एवं 4000 तहसीलों में
मंगलवार को लोकतंत्र को बचाने के लिए तथा भारत की जनता को ईवीएम के स्कैंडल
की जानकारी देने को ईवीएम की शवयात्रा का कार्यक्रम किया जा रहा है।
ब्रह्मानंद
गौतम और रामकुमार जिंदल ने कहा कि जैसे क्रिकेट में फिक्सिंग होती है,
वैसे ही ईवीएम में भी फिक्सिंग होती है। ईवीएम के बारे में अन्य देशों की
भूमिका दुनिया में जितने भी विकसित देश हैं, जैसे अमेरिका, जर्मनी,
आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड इन सभी सभी देशों में ईवीएम बनाई गई और
इसी देश ने ईवीएम से चुनाव रद कर दिया गया।
इसकी जगह बैलेट पेपर से चुनाव
कराए गए। ऐसा ही भारत में भी होना चाहिए। कलक्ट्रेट परिसर में जुलूस की
शक्ल में पहुंचे बहुजन मुक्ति पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने
डीएम रमेश मिश्र को ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर कई पदाधिकारी और
कार्यकर्ता मौजूद थे।