सिमौर गांव में घूरे से उठी चिंगारी ने आठ घरों को
राख कर दिया। शुक्रवार दोपहर हुए अग्निकांड में सात मवेशी भी मारे गए हैं।
आग बुझाने के प्रयास में एक ग्रामीण चुटहिल हो गया। सूचना से डेढ़ घंटे की
देरी से पहुंचे दमकल वाहनोें की मदद से तकरीबन तीन घंटे बाद आग पर काबू
पाया जा सका।
सूचना पर एसडीएम शाहाबाद मंशाराम, सीओ पीके मिश्रा आदि मौके
पर पहुंचे। शुक्रवार की दोपहर लगभग दो बजे गांव के पश्चिम स्थित मिश्री
के घर से आग की लपटें उठने लगी। लोगों ने जब तक बुझाने के प्रयास शुरू किए
तब तक आग फैल चुकी थी। हवाओं से आग ने आनन-फानन ही कई घरों को चपेट में ले
लिया।
गांव में दहशत फैल गई। लोग घर छोड़ कर सड़कों पर आ गए। इस बीच किसी
ने दमकल को सूचना दे दी, पर दमकल कर्मियों के आने तक आग से मिश्री लाल का
मकान व इसमें रखा अनाज और गृहस्थी राख हो गई थी। इसमें मौजूद चार बकरी, दो
बकरे और एक गाय की जलकर मौत हो गई।
आग बुझाने की कोशिश में ऊपर जली हुई
भारी लकड़ी गिरने से अशोक कुमार घायल हो गए। अग्निकांड मेें जगदीश,
गंगाराम, रामसेवक, गुरिंद पाल, रूतवरन व अशोक कुमार के घरों के छप्पर व
अंदर रखा सामान राख हो गया।
कई लोगाें ने हजारों की नगदी भी राख होने की
बात बताई।
इसके अलावा रामभजन, शिशुपाल, मनीराम, रक्षपाल व घुरई लाल के
भूसे के ढेर भी जल गए। अग्निकांड का कारण पास में मौजूद सुलगते हुए घूरे को
माना जा रहा है। समझा जाता है कि जलती हुई बीड़ी आदि फेंके जाने से घूरा
जला और इसी से उठी चिंगारी ने यह तबाही मचाई है।
अग्निकांड की खबर पर
एसडीएम शाहाबाद मंशाराम, सीओ पीके मिश्रा, कोतवाल पिहानी लालता प्रसाद साहू
व पिहानी एवं मझिला थानों का फोर्स मौके पर पहुुंच कर आग पर काबू पाया।
एसडीएम ने बताया कि अग्निपीड़ितों को तत्काल राहत दिलाई जा रही है। इनकी
सूची मौके पर ही बनवा कर शीघ्र ही सहायता चेकें भी पीड़ितों तक पहुंचा दी
जाएंगी।