जिले के 19 ब्लाकों में टीईटी प्रशिक्षु टीचरों को
प्रशिक्षित करने के लिए ब्लाक संसाधन केंद्रों पर शुरू हुआ प्रशिक्षण
अव्यवस्थाओं के बीच चल रहा है। आलम यह है कि कहीं बिजली न होने पर
प्रशिक्षु टीचर पसीना बहा रहे हैं, तो कहीं पर खान पान की व्यवस्था बिगड़ी
है।
इसके चलते बिलग्राम में प्रशिक्षण ले रही एक महिला प्रशिक्षु टीचर की
शनिवार को हालत बिगड़ गई। उल्टी दस्त होने के कारण उसे सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्र में भर्ती कराया गया। हैरत की बात है कि केंद्रों पर प्रशिक्षण को
लेकर डायट ने अभी तक कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं।
शनिवार को कुछ
ब्लाकों पर चल रहे प्रशिक्षण का जायजा लिया गया तो हकीकत सामने आई। बिलग्राम स्थित बीआरसी केंद्री में मध्याह्न 12.30 बजे121 प्रशिक्षु टीचरों को
अलग-अलग कमरे में प्रशिक्षण दिया जा रहा था। हाल में 60 महिला प्रशिक्षु
बैठी थीं। बिजली न होने पर पंखे बंद थे। गर्मी से वह पसीना-पसीना हो रही
थीं।
इसी दौरान एक महिला प्रशिक्षु टीचर को उल्टियां आनीं शुरू हो गई। हालत
बिगड़ने पर उसे प्रशिक्षण कार्य से मुक्त कर सीएचसी भेेजा गया। उधर, ऊपर
कोट स्थित प्राथमिक स्कूल के भवन के एक कक्ष में 61 प्रशिक्षु टीचरों का
प्रशिक्षण सुभाष चंद्र व राजीव कुमार द्वारा दिया जा रहा था।
इस हाल में भी
पंखे-बिजली आदि को कोई व्यवस्था नहीं थी। यहां राजेश कुमार, शिवम, रसूल
अहमद आदि ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान 7 बजे से 2 बजे के बीच भीषण गर्मी
में बिना बिजली-पंखे और बैठने के लिए कालीन तक की व्यवस्था नहीं है। एक
पतली सी दरी पर प्रशिक्षु टीचर प्रशिक्षण ले रहे हैं।
मल्लावां बीआरसी में मध्याह्न 12.40 बजे में 188 प्रशिक्षु टीचर पंजीकृत हैं, इनमें
कुछ नदारद थे, तो कुछ विलंब से आए बताए गए। यहां भी बिजली न होने पर
प्रशिक्षु टीचर पसीना बहाते मिले। पूछने पर बोले, जनरेटर है लेकिन कभी कभार
चलाया जाता है। भूख से बेहाल हैं, नाश्ते की भी यहां व्यवस्था नहीं की गई।
प्रशिक्षक एबीआरसी बृजेश अवस्थी, श्रीकृष्ण कनौजिया, संगीता वर्मा,
गोपीनाथ तिवारी, अवधेेश सिंह द्वारा कराया जा रहा है। प्रशिक्षण का समय
सुबह 7 से अपराह्न दो बजे टीचरों को रास नहीं आ रहा। दूर दराज से आने के
कारण कठिनाई आ रही हैं। एबीआरसी ने कहा कि केंद्र पर डायट के निर्देशानुसार
प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बताया कि नाश्ते के लिए कोई बजट नहीं मिला है।
उन्हाेंने दावा किया कि बिजली न होने पर जनरेटर चलाया जाता है। भरखनी बीआरसी में मध्याह्न 12.50 बजे 132 प्रशिक्षु महिला और पुरुष
टीचरों को दो बैच में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, पर यहां भी अव्यवस्थाएं
देखने को मिलीं।
एक कक्ष में सह समन्वयक स्कं दवीर चौहान, ज्ञानेंद्र
प्रताप व उदयवीर बैठे थे। वहीं प्रशिक्षु टीचर आपस में बातचीत कर रहे थे।
दूसरे कक्ष में सह समन्वयक संजय त्रिवेदी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे। इस कक्ष
में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल में बीते वर्ष नि:शुल्क वितरित की
जाने वाली पुस्तकों का ढेर लगा था।
यहां जनरेटर व पेयजल की व्यवस्था ठीक
मिली, पर पठन-पाठन की स्थिति खराब पाई गई। सूत्रों के अनुसार नियमित रूप से
प्रशिक्षण में न आने वाले प्रशिक्षु को सेटिंग करनी पड़ती है। वहीं देर से
आने वालों कोे फटकार लगाई जाती। वहीं बीईओ पवन द्विवेदी ने इस आरोप को गलत
बताया।
भरखनी बीआरसी में मध्याह्न 12.50 बजे प्रशिक्षु टीचरों का प्रशिक्षण जमीन पर बैठाकर
कराया जा रहा है। यहां पेयजल की किल्लत बनी हुई है। प्रशिक्षकों सदाकत अली,
कालीचरन, संतरी बानो, संजीव मिश्रा और अजय दीक्षित आदि प्रशिक्षु टीचरों
को आरटी एक्ट की जानकारी दे रहे थे।
इस दौरान टीचर रेखा यादव, इंदु रानी,
पूनम पाल, अंजूलता त्रिवेदी, राजीव कुमार, सत्येंद्र कुमार व हरिश्चंद्र
आदि ने कोई खास समस्या नहीं होने की बात की। साथ ही प्रशिक्षण स्थल पर
पेयजल किल्लत की समस्या रखी। हालांकि, यह जानकारी सामने आने पर आनन-फानन
में पेयजल की व्यवस्था करा दी गई।