हरदोई। जिले में टीईटी प्रशिक्षु टीचरों के मामले में 18 संदिग्ध मिले मुन्ना भाइयों के प्रशिक्षण पर रोक लगा दी गई है। इससे विभाग में हड़कंप मच गया है। इससे पूर्व जिले में 17 प्रशिक्षु टीचरों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जा चुके हैं जिसमें से 11 पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
बताते चलें कि जिले में 3000 पदों पर टीईटी उत्तीर्ण आवेदकों को प्रशिक्षु टीचरों पर भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिले में 3000 के सापेक्ष 2518 पदों पर चयन किया जा चुका है। इन टीचरों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा था जिसमें पहले चरण में तीन प्रशिक्षु टीचर के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी मिली थी जिनकी एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद 14 संग्दिध मिले जिसमें आठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
छह के अभिलेख तलाश किए जा रहे हैं। इसके अलावा 18 अन्य के प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए थे। जिनकी जांच की जा रही थी। प्रमाण पत्र में गड़बड़ी मिलने पर 18 प्रशिक्षु टीचरों के प्रशिक्षण पर रोक लगा दी गई है। इनमें प्राथमिक विद्यालय अहमद नगर में तैनात नीलम, खनिगवां खुर्द में तैनात भूपेंद्र सिंह, कछेंलिया द्वितीय में तैनात सोनिया कुमार, कनहारी के भूपेश, दौलतपुर की ऊषा कुमारी, चंदूपुर खैराई के विक्रम सिंह, नगला भाग के उपेंद्र सिंह, नरहाई के रंजीत सिंह, चौराई के शिवेद्र सागर, नगला लोथू की माधुरी,नवीपुर की गीता,फिरोजकला के मनोज,पसिगवां के ऋषि कुमार, लालपालपुर की अर्चना , ऐलापुरवा की शैलेंद्री व तीन अन्य प्रशिक्षु टीचर शामिल है। इन सभी के प्रशिक्षण पर रोक लगाते हुए उनको विद्यालय से कार्यमुक्त करने के निर्देश बीएसए डा. बृजेश मिश्र ने जारी किए हैं। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
वर्ष 2009 से तैनात टीचरों के प्रमाणपत्रों का फिर से होगा सत्यापन
हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2009 से तैनात किए गए सभी टीचरों व अन्य कर्मचारियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन एक बार फिर से कराया जाएगा। टीचरों की भर्ती में फर्जी आवेदकों की संख्या लगातार बढ़ने पर शासन ने सभी के सत्यापन पुन: कराने के निर्देश दिए हैं जिस पर बीएसए डा. बृजेश मिश्र ने सभी टीचरों के प्रमाण पत्रों के पुन: सत्यापन की कार्रवाई शुरू की है। इससे टीचरों में हड़कंप मचा हुआ है।