ब्लाक क्षेत्र के बोझवा गांव में विचित्र बीमारी का
कहर थम नहीं रहा है। गुरुवार को तीन मरीजों को जिला अस्पताल में और चार
मरीजों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन दिन बाद भी स्वास्थ्य
विभाग की टीम गांव में फैली विचित्र बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं कर सकी।
दोपहर बाद गांव पहुंची मलेरिया विभाग की टीम ने 45 लोगों के रक्त के नमूने
लिए। सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के रक्त
परीक्षण में बुखार की पुष्टि हुई है। हरियावां विकास खंड के ग्राम
बोझवा में विचित्र बीमारी की वजह से दहशत का माहौल है।
गांव के दो लोगों की
मौत हो चुकी है और कई दर्जन लोग बीमारी की चपेट में है। मरीजों की हालत
गंभीर होने पर वह प्रतिदिन अस्पताल पहुंच रहे है। गुरुवार को भी सात लोगों
की हालत गंभीर होने पर जिला मुख्यालय भेजा गया, इनमें अंगूरा (26) पुत्री
महेंद्र, रघुनंदन (12) पुत्र रामशरण, पूनम (22) पत्नी सुनील को जिला
अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं सुनील (20) पुत्र मनीराम, सुखरानी (20)
पत्नी जयराम, आकाश (14) पुत्र सूरज, अशोक की पत्नी को निजी अस्पताल में
भर्ती कराया गया।
गांव में करीब तीन दिनों से फैली इस विचित्र बीमारी को
लेकर ग्रामीण दहशत में हैं। गुरुवार को मलेरिया टीम गांव पहुंची और बीमारी
के लक्षण वाले 45 लोगों के खून के नमूने लेकर स्लाइड तैयार की। स्लाइड के
परीक्षण के बाद बीमारी के पता चलने की संभावना है।
उधर, स्वास्थ्य विभाग भी
इस बाबत कुछ स्पष्ट नहीं कह सका। पूछने पर सीएमओ बोले, सैंपल लेकर जांच
कराई गई तो बुखार की पुष्टि होने पर उनका उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि
प्रदूषित पानी से भी बीमारी फैलने की आशंका है। उन्होंने गांव के कुएं व
हैंडपंप के पानी का सैंपल लेकर लखनऊ स्थित प्रयोगशाला जांच को भेजा है।
उन्होंने
कहा कि रिपोर्ट आने पर स्थिति साफ होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल ग्रामीणों
को पानी में क्लोरीन की गोली अथवा उबालकर पीने की सलाह दी गई है।