विकास कार्यों को गति प्रदान करने को केंद्र सरकार ने
मनरेगा में मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम को लागू किया है, जिससे मनरेगा
कार्यों को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके। सरकार द्वारा मोबाइल मानीटरिंग
सिस्टम लागू करने को नए निर्देश जारी किए गए हैं।
जिनसे जिले के प्रधानों
समेत विकास खंड व पंचायत स्तरीय अफसरों को अवगत कराने को कार्यशाला आयोजित
होगी। रसखान प्रेक्षागृह में पंचायत प्रतिनिधि और ब्लाक व ग्राम स्तरीय
कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। मनरेगा का कार्य पारदर्शिता ढंग से
चल सके और कार्यों को गति देने को तमाम प्रयास किए जा रहे हैं।
जिसके क्रम
में ही केंद्र सरकार ने मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम को लागू किया है। मोबाइल
मानीटरिंग सिस्टम को जिले के सभी विकास खंडों की 10-10 ग्राम पंचायतों में
लागू किया गया है। प्रथम चरण में 190 ग्राम पंचायतों में सिस्टम को लागू कर
वहां मनरेगा से होने वाले कार्यों को तत्काल आनलाइन किया जाएगा।
इसके लिए
ग्राम पंचायतों में प्रधान के निर्देशन में ग्राम पंचायत अथवा तकनीकी सहायक
को एक टैबलेट या मोबाइल फोन दिया जाएगा। इससे वह मोबाइल से फोटो लेकर
कार्यों को तत्काल अपलोड कर सकेंगे। सिस्टम के लिए अब हर विकास खंड की
चयनित ग्राम सभाओं के प्रधान समेत बीडीओ, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी,
सहायक लेखाकार, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी व तकनीकी सहायक
को प्रशिक्षित किया जाएगा
मनरेगा उपायुक्त अनिल सिंह ने बताया कि मोबाइल
मानीटरिंग सिस्टम के दिशा निर्देशों से जानकारी को रसखान प्रेक्षागृह में
22 अप्रैल से 24 अप्रैल तक तीन दिन की कार्यशाला आयोजित होगी। चूंकि जिले
में 19 विकास खंड हैं, ऐसे में पहले और दूसरे दिन छह विकास खंडों से आए
अधिकारी और प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि अंतिम दिन सात
विकास खंडों को प्रशिक्षण मिलेगा।