हरदोई। समेकित शिक्षा के प्रयास से पांच दिव्यांग बच्चों के आंखों की रोशनी वापस आ गई है। इससे अब वह दुनिया देख सकेंगे। इससे बच्चों के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है।
जनपद में समेकित शिक्षा योजना के दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षण देकर शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। हर वर्ष दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है। चिह्नित बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण एलिम्को के सहयोग से उपकरण वितरित किए जाते हैं।
जनपद में कार्यरत 30 स्पेशल एजुकेटरों द्वारा 6000 बच्चों में से लगभग 600 (दृष्टि दिव्यांग, मूक बधिर, मानसिक मंद) बच्चों को शिक्षित और प्रशिक्षित किया जा रहा है। जनपद के कुछ ऐसे बच्चे भी चिह्नित किए जाते हैं जिन्हें चिकित्सीय सहायता/उपचार प्राप्त हो जाने से उनकी दिव्यांगता दूर की जा सकती है।
ऐसे ही बच्चों में से पांच बच्चों नितिन, राहुल, विकास, गहना और पुष्पा को आंखों की सर्जरी के लिए चयनित किया गया था। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा आशा वर्मा ने बताया कि इन बच्चों के इलाज के लिए दिल्ली की संस्था डॉक्टर श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल दरियागंज से समन्वय किया गया।
संस्था के विशेषज्ञ राकेश कुमार की टीम ने 2023 में कैंप लगाकर ऐसे बच्चों का परीक्षण किया था, जिनकी सर्जरी से माध्यम से सामान्य दृष्टि प्रदान की जा सकती है। संस्था की ओर से दिल्ली में बच्चों की सर्जरी कराई गई। 26 अप्रैल जिला अस्पताल हरदोई में बच्चों का परीक्षण कराया गया, जिससे इन सभी बच्चों की आंखों की रोशनी सामान्य पाई गई।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह और स्पेशल एजुकेटर शव्बन, रामाशीष, विजय के सहयोग संस्था के माध्यम से बच्चों की रोशन वापस आ सकी।