अपर जिला जज अनमोल पाल ने मंगलवार को दो अलग अलग
मुकदमे की सुनवाई पूरी कर लूट व एनडीपीएस के अपराध में तीन अभियुक्तों को
सजा सुनाई, वहीं फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश डीके शर्मा ने दो अलग-अलग
मुकदमे की सुनवाई पूरी कर दो और अपर जिला जज गैंगस्टर कोर्ट श्रीकांत वर्मा
ने एक मुकदमे की सुनवाई पूरी कर एक को सात साल की कैद की सजा सुनाई।
उन्नाव
की सदीपुर निवासी रत्तू ने आरोप लगाया था कि 15 जुलाई 11 को वह सदीपुर से
माधौगंज जा रहा था। तभी मल्लावां क्षेत्र से उसे बरेली के गोगेश कुमार,
खेमकरन तथा उन्नाव निवासी राहुल ने लूट लिया था। पुलिस ने दौरान विवेचना
आरोपियों की गिरफ्तारी भी कर ली थी।
कोर्ट ने मामलों की सुनवाई पूरी कर
तीनों आरोपियों को लूट में सात-सात साल कैद व ढाई ढाई हजार रुपये जुर्माने
की सजा सुनाई। वहीं इसी मामले में प्रभारी निरीक्षक ने खेमकरन के विरुद्ध
रिपोर्ट दर्ज कराई थी आरोपी के पास से डायजाफाम की गोलियां बरामद हुई थी।
कोर्ट ने इस मामले में अभियुक्त को तीन साल की कैद व पांच हजार रुपये
जुर्माना भरने की सजा सुनाई। उधर, फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश डीके
शर्मा ने आत्महत्या के उत्प्रेरण में आरोपी पति को सात साल की कैद तथा
नाबालिग बालिका के साथ कुकर्म करने के आरोपी को चार साल की कैद की सजा
सुनाई।
पचदेवरा क्षेत्र निवासी नरायन उर्फ पप्पू ने आरोप लगाया था कि उसने
अपनी पुत्री राखी की शादी 17 मई 13 को गिरधरपुर निवासी गौरव दीक्षित के साथ
दान दहेज देकर की थी। पति व ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज में बाइक व एक लाख
रुपये की मांग को लेकर लड़की को प्रताड़ित करते थे।
दहेज प्रताड़ना से
क्षुब्ध होकर पीड़िता ने 21 मई 14 को आत्म हत्या कर ली। कोर्ट ने पति को
सात साल की कैद व बीस हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। वहीं दूसरे
मामले की रिपोर्ट टड़ियावां क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने थाने पर
रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप लगाया था कि थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी
युवक ने 2 सितंबर 12 को जब उसकी दस वर्षीय बालिका शौच को गई थी। तभी शाम
करीब छह बजे उसके साथ कुकर्म किया। पीड़ित बालिका ने घर आकर पिता को सारी
बात बताई। अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी कर आरोपी को चार साल की कैद व दस
हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई।
मुकदमे की पैरवी अभियोजन पक्ष की
ओर से एडीजीसी राकेश बाजपेयी ने की। उधर, अपर जिला जज गैंगस्टर कोर्ट
श्रीकांत वर्मा ने गैंगस्टर के अपराध में एक अभियुक्त को सात साल की कैद व
दस दस हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई।
मल्लावां क्षेत्र के
कासिमपुर गांव निवासी शिवराम को प्रभारी निरीक्षक एसएन राय ने पुलिस
मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। निरीक्षक ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराते
हुए आरोप लगाया था कि वह अपहृत को अभियुक्तों के चंगुल से छुड़ाने के लिए
प्रयासरत थे।
इसी मध्य लोगों से पता चला कि मल्लावां क्षेत्र के कासिमपुर
गांव निवासी शिवराम का गैंग है और वह हत्या, अपहरण, फिरौती लूट के अपराधों
में लिप्त है। उसका आतंक क्षेत्र में व्याप्त है। पुलिस ने 21 जनवरी 03 को
दबिश देकर अपहृत को छुड़ा लिया और अभियुक्त को भी गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी कर शिवराम को गैंगस्टर के अपराध में सजा
सुनाई।