फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: पुलिस लाइन में अधूरे भवनों का निर्माण पूरा होने की आस, दूसरी फर्म कराएगी काम

सार

हरदोई पुलिस लाइन में 12 मंजिला पुलिस आवासीय परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी। ठेका फर्म की लापरवाही के कारण विभाग ने उसकी निविदा निरस्त कर जुर्माना लगाया और अब नई फर्म को काम सौंपा गया है।
विज्ञापन
फोटो 27: पुलिस लाइन में अधूरा पड़ा जी-12 भवन। संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरदोई। पुलिस कर्मियों-अधिकारियों के लिए पुलिस लाइन में जी प्लस 12 (12 मंजिला) इमारत का निर्माण पूरा होने की आस बंधी है। इस इमारत में पुलिस कर्मियों के लिए आवासों का निर्माण होना है।
विज्ञापन


तय समयसीमा पर काम पूरा न करने के कारण लोक निर्माण विभाग ने चयनित फर्म की निविदा निरस्त कर दी थी। अब काम पूरा कराए जाने के लिए दूसरी फर्म को काम सौंपा गया है।

पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को आवास की समस्या के समाधान के उद्देश्य से शासन ने मार्च 2020 में जी-12 भवन बनवाए जाने की स्वीकृति दी। शासन ने काम कराने के लिए 22 करोड़, 41 लाख रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। पहली किस्त में लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक को 14 करोड़, 94 लाख रुपये भी दिए थे। निविदा प्रक्रिया में लखनऊ की फर्म मेसर्स आरएस कांट्रेक्टर को काम मिला था। साल 2022 तक काम पूरा होना था। फर्म ने न तो काम पूरा कराया और न ही नोटिस दिए जाने के बाद कोई जवाब दिए। जी-12 भवन अधूरा पड़ा है जिससे पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को आवास नहीं मिल पा रहे हैं। विभाग ने फर्म की निविदा निरस्त करते हुए फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति के साथ जुर्माना भी लगाया है। शासन की अनुमति के बाद विभाग ने काम पूरा कराने के लिए दोबारा से निविदा प्रक्रिया पूरी कराते हुए नई फर्म का चयन किया है।
विज्ञापन

-
साल 2020 में 17.58 करोड़ की हुई थी निविदा
पुलिस लाइन में जी-12 भवन बनवाए जाने के लिए लखनऊ की फर्म मेसर्स आरएस कांट्रेक्टर्स को 17.58 करोड़ रुपये की निविदा मिली थी। काम पूरा कराने के लिए साल 2022 तक की अवधि तय थी। तय समय सीमा से करीब 28 माह बाद भी अधूरे जी-12 भवन के पूरा न होने पर विभाग ने फर्म की निविदा निरस्त कर दी। शासन से नामित पांच सदस्यीय तकनीकी समिति ने अब तक हुए काम का ब्योरा तैयार किया।
-
विभाग ने फर्म पर पांच करोड़ रुपये जुर्माने की संस्तुति की
पीडब्ल्यूडी ने पुलिस लाइन में जी-12 भवन समय से न बनवाए जाने पर काम देखने वाली फर्म को पहली किस्त में 14,94,00,000 रुपये दिए थे। अनुबंध के बाद काम कराने के लिए रुपये फर्म को भी दिए थे। गृह और गोपन विभाग का काम पूरा न होने पर फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अनुबंध लागत 17.58 करोड़ के आधार पर फर्म पर 10 प्रतिशत की दर से 1.75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। अनुबंध निरस्त करने के साथ ही 20 प्रतिशत और जुर्माना लगाए जाने की संस्तुति शासन से की गई है। -मनिंदर सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड-एक
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें