हरदोई। देहात कोतवाली क्षेत्र के मढि़या गांव में मंगलवार सुबह आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद जमानत पर चल रहे हत्यारोपी का शव फंदे से लटका मिला। परिजनों ने रंजिश के कारण छह लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। प्राथमिक जांच में मामला खुदकुशी का निकला है।
मढि़या निवासी भूपेंद्र अग्निहोत्री (58) खेती करते थे। मकान से 100 मीटर दूर उन्होंने घेरा बना रखा था। यहां टिनशेड के नीचे रात में वह पत्नी सुनीता के साथ रहते थे। भाई शैलेंद्र ने बताया कि सोमवार शाम भूपेंद्र की छोटी बहू शुभी की तबीयत खराब हो गई थी। इस कारण सुनीता मकान पर ही रुक गई थीं। भूपेंद्र खाना खाने के बाद घेरा चले गए थे। मंगलवार सुबह काफी देर तक वह घर नहीं आए तो उनका पुत्र शशिकांत बुलाने गया।
यहां टिनशेड के नीचे उनका शव पत्नी की साड़ी के फंदे से लटका मिला। इसकी जानकारी शशिकांत ने परिजनों को दी। परिजन बिलखते हुए मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी पर देहात कोतवाली पुलिस भी पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने जरूरी नमूने जुटाए। परिजनों ने बताया कि भूपेंद्र ने वर्ष 1993 में भूमि विवाद के कारण चाचा राम सहाय की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
वर्ष 1999 में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। लगभग 14 माह तक जेल में रहने के बाद वह हाईकोर्ट से जमानत पर छूट गए थे। परिजनों का आरोप है कि राम सहाय के परिवार के लोगों ने ही भूपेंद्र की हत्या कर शव फंदे से लटकाया है। सीओ सिटी अंकित मिश्रा का कहना है कि प्राथमिक जांच में मामला खुदकुशी का ही लग रहा है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
फोटो-10- भूपेंद्र। फाइल फोटो